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Delhi दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि मेघालय के पूर्वी जैंतिया हिल्स जिले के थांगस्काई इलाके में एक अवैध कोयला खदान में हुए धमाके में 18 मजदूरों की मौत हो गई। यह घटना कथित तौर पर 5 फरवरी को हुई थी, और आशंका है कि कई अन्य मजदूर अब भी खदान के भीतर अलग-अलग गहराइयों पर फंसे हुए हैं।
समाचार रिपोर्ट को यदि सही मानें तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बनता है। इसे देखते हुए एनएचआरसी ने मेघालय के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने कहा कि रिपोर्ट में चल रहे बचाव अभियान की स्थिति, पीड़ित परिवारों को दिया गया मुआवजा, पुलिस जांच की प्रगति और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए उठाए गए या प्रस्तावित कदमों का विवरण होना चाहिए।
इस बीच, राज्य में अवैध कोयला खदानों के लगातार संचालन पर सख्त रुख अपनाते हुए मेघालय हाईकोर्ट ने इस जानलेवा विस्फोट के मामले में तुरंत गिरफ्तारियां करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति एचएस थांगखिएव और डब्ल्यू डिएंगदोह की खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए गंभीर चिंता जताई कि 14 जनवरी को हुई पिछली घातक घटना के बावजूद अवैध खनन गतिविधियां जारी हैं।
बार-बार हो रही त्रासदियों को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन और पुलिस को बिना देरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अदालत ने पूर्वी जैंतिया हिल्स के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक को खदान मालिकों, संचालकों और अवैध खनन में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
इसके साथ ही खनन से जुड़े सभी उपकरण, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं। तत्काल राहत उपायों की आवश्यकता पर जोर देते हुए हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी प्रभावित लोगों, जिनमें घायल भी शामिल हैं, को तुरंत चिकित्सा सहायता और आवश्यक मदद दी जाए।
अदालत ने यह भी स्पष्टीकरण मांगा कि पहले की घटनाओं और मौजूदा कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद ऐसी प्रतिबंधित गतिविधियां कैसे जारी रहीं, और चेतावनी दी कि यदि अधिकारी ठोस और प्रभावी कार्रवाई दिखाने में विफल रहे तो सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि मेघालय सरकार ने इस घटना की गहन जांच के आदेश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा, "मेघालय सरकार ने इस घटना की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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