
Meghalaya मेघालय: मेघालय 11 और 12 जून को नॉर्थ ईस्ट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट और एग्जीबिशन (NEIINFRA) की मेजबानी करने जा रहा है। इस आयोजन में सरकारी अधिकारी, निवेशक, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि और बिजनेस लीडर्स शामिल होंगे, जो क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय निवेश के अवसरों पर चर्चा करेंगे।
इस बड़े आयोजन की घोषणा मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने आर्थिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है और अब मेघालय निवेश के नए अवसरों के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री संगमा के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में मेघालय की अर्थव्यवस्था दोगुनी हो गई है, जबकि वर्ष 2018 के बाद से राज्य में कैपिटल इन्वेस्टमेंट लगभग चार गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह लगातार आर्थिक वृद्धि राज्य में निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर रही है और मेघालय को देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की औद्योगिक प्रोत्साहन नीति (Industrial Promotion Policy) निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है। इस नीति के तहत निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की सुविधाएं और प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जिससे उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
NEIINFRA समिट का उद्देश्य नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देना और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना है। इसमें सड़क, परिवहन, ऊर्जा, शहरी विकास और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, इस समिट के माध्यम से सरकार और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी, ताकि क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिल सके। साथ ही, यह आयोजन नॉर्थ ईस्ट को निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल निवेश के नए अवसर खुलते हैं, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। मेघालय सरकार का यह कदम राज्य को एक उभरते हुए निवेश हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, NEIINFRA समिट मेघालय और पूरे नॉर्थ ईस्ट के लिए आर्थिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की दिशा में एक अहम पहल साबित हो सकता है।





