मेघालय
मेघालय में BJP के साथ विलय की प्रक्रिया आगे बढ़ी 8 विधायकों ने विधानसभा को सौंपा पत्र
Ratna Netam
25 Sept 2026 8:10 PM IST

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शिलांग। मेघालय की राजनीति में हाल में हुए बड़े दल-बदल के बाद यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए आठ विधायकों ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा को अपने विलय की औपचारिक जानकारी दी। विधायकों ने मेघालय विधानसभा को पत्र सौंपकर BJP के साथ अपने विलय के बारे में सूचित किया। इससे पहले सभी आठ विधायक 23 सितंबर को नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हुए थे।प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक मेघालय विधानसभा के अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा की अनुपस्थिति में विधायकों ने विलय से संबंधित पत्र विधानसभा के सलाहकार (कानून) एंड्रयू साइमंस को सौंपा। बताया गया कि विधानसभा अध्यक्ष एक सम्मेलन में भाग लेने के बाद स्टडी टूर के सिलसिले में माल्टा में हैं।
विलय पत्र सौंपने के दौरान आठ विधायकों के साथ मेघालय BJP के प्रदेश अध्यक्ष रिकमैन जी. मोमिन और पार्टी विधायक सनबोर शुल्लाई भी मौजूद रहे। इस औपचारिक प्रक्रिया के साथ विधायकों ने विधानसभा को अपने बदले हुए राजनीतिक दल की जानकारी दी है।UDP छोड़कर BJP में शामिल होने वाले विधायकों में लाहकेन रिम्बुई, किरमेन शायला, मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुर्बाह, सिनशार कुपार रॉय लिंगदोह थाबाह, बालाजिएड कुपार सिनरेम, मेरालबॉर्न सियेम, पियस मारवेन और ओलान सिंह सुइन शामिल हैं। इन सभी को बुधवार को नई दिल्ली में BJP की सदस्यता दिलाई गई थी।नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रिकमैन जी. मोमिन और अन्य नेता मौजूद थे। किरेन रिजिजू ने विधायकों का BJP में स्वागत करते हुए कहा था कि उनका पार्टी में आना पूर्वोत्तर और मेघालय की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। यह BJP नेतृत्व का राजनीतिक आकलन है।
आठ विधायकों के BJP में शामिल होने से 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में पार्टी की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है। इससे पहले BJP के पास एलेक्जेंडर लालू हेक और सनबोर शुल्लाई के रूप में दो विधायक थे। आठ नए विधायकों के जुड़ने के बाद BJP सदन में संख्या के लिहाज से नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के बाद दूसरी बड़ी पार्टी बन गई है।दूसरी ओर इस राजनीतिक बदलाव से UDP की विधानसभा में संख्या काफी कम हो गई है। पार्टी के पास पहले 12 विधायक थे, जिनमें से आठ BJP में चले गए। इसके बाद UDP के पास चार विधायक रह गए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इनमें UDP अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री मेटबाह लिंगदोह, पॉल लिंगदोह, रेनिकटन लिंगदोह तोंगखार और नुजोरकी सुंगोह शामिल हैं।
इस घटनाक्रम में दलबदल विरोधी कानून से जुड़ा पहलू भी महत्वपूर्ण है। भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत किसी विधायी दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य किसी अन्य दल में विलय करते हैं तो निर्धारित शर्तों के अधीन विलय संबंधी अपवाद लागू हो सकता है। UDP के विधानसभा में 12 विधायक थे और उनमें से आठ, यानी ठीक दो-तिहाई, BJP में शामिल हुए हैं। अंतिम विधायी मान्यता संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया और विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रिकॉर्ड पर निर्भर करती है।इसी संदर्भ में शुक्रवार को विधानसभा को सौंपा गया पत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके जरिए आठों विधायकों ने BJP के साथ अपने विलय की औपचारिक सूचना विधानसभा प्रशासन को दी है। विधानसभा अध्यक्ष की अनुपस्थिति में यह पत्र कानूनी सलाहकार को दिया गया।
इन आठ विधायकों के BJP में जाने की चर्चा पिछले कुछ समय से चल रही थी। 16 सितंबर को किरमेन शायला ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि आठ UDP विधायकों ने BJP में जाने का फैसला किया है। उन्होंने दावा किया था कि केंद्र के स्तर पर मेघालय से जुड़े कुछ मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद यह फैसला किया गया।नई दिल्ली में BJP में शामिल होने के बाद लाहकेन रिम्बुई ने भी कहा था कि इस कदम को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी और विधायकों ने केंद्रीय नेतृत्व के सामने राज्य से जुड़े कई मुद्दे रखे थे। BJP नेतृत्व की ओर से इन मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की बात उन्होंने कही थी।
इन मुद्दों में खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने, कोयला खनन से जुड़े विषयों और राज्य की कुछ अन्य लंबित मांगों का उल्लेख विभिन्न नेताओं ने किया है। इन मांगों पर केंद्र सरकार की ओर से अंतिम नीतिगत फैसले अलग-अलग संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेंगे।राज्य की सत्ता पर इस बदलाव का तत्काल असर अलग संदर्भ में देखा जा रहा है, क्योंकि BJP पहले से मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाले मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस सरकार की सहयोगी है। मुख्यमंत्री संगमा ने आठ UDP विधायकों के BJP में जाने के बाद कहा था कि इस घटनाक्रम से NPP के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार प्रभावित नहीं होगी।
विधानसभा के भीतर हालांकि राजनीतिक संख्या जरूर बदली है। BJP की संख्या 10 हो जाने और UDP के चार विधायकों तक सिमटने से दोनों दलों की सदन में स्थिति बदल गई है। NPP सबसे बड़ा दल बनी हुई है।आठ विधायकों का BJP में जाना इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि मेघालय में BJP की विधानसभा उपस्थिति इससे पहले सीमित थी। दो विधायकों से सीधे 10 तक पहुंचने के बाद पार्टी की संख्या में पांच गुना वृद्धि हुई है। हालांकि सरकार के भीतर भविष्य की भूमिका या सत्ता-साझेदारी में किसी संभावित बदलाव को लेकर कोई निष्कर्ष आधिकारिक फैसलों के बिना नहीं निकाला जा सकता।
शुक्रवार को विलय पत्र सौंपे जाने के साथ अब इस राजनीतिक बदलाव का विधानसभा संबंधी औपचारिक चरण आगे बढ़ा है। विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा की अनुपस्थिति में पत्र कानूनी सलाहकार को सौंपा गया है। आगे इससे जुड़ी संवैधानिक और प्रक्रियात्मक कार्रवाई विधानसभा के नियमों तथा दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुसार होगी।इस पूरे घटनाक्रम के बाद मेघालय की 60 सदस्यीय विधानसभा में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। UDP से आए आठ विधायक अब BJP के साथ हैं और पार्टी की संख्या 10 हो गई है। वहीं UDP के पास चार विधायक रह गए हैं। शुक्रवार को विधानसभा को दिए गए विलय पत्र ने 23 सितंबर को दिल्ली में हुए राजनीतिक बदलाव को विधानसभा रिकॉर्ड में औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।
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