मेघालय
मेघालय: 3 विधायकों के दल-बदल पर सस्पेंस, स्पीकर ने मांगी कानूनी राय
Tara Tandi
20 Oct 2026 7:48 PM IST

x
मेघालय: विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा को यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के तीन विधायकों की ओर से नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) में शामिल होने के लिए विलय का आवेदन मिला है। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले वे इस मामले की जांच करेंगे।
संगमा ने बताया कि विधायकों द्वारा पारित प्रस्तावों के साथ यह आवेदन उन्हें व्यक्तिगत रूप से सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि वे इस पर कानूनी राय लेंगे और कुछ ही दिनों में अपना फैसला बता देंगे।
ये तीन विधायक हैं: वेस्ट शिलांग का प्रतिनिधित्व करने वाले पॉल लिंगदोह, मावकिरवाट के रेनिक्टन लिंगदोह टोंगखार, और मूकाइयाव के नुजोर्की सुंगोह।
संगमा ने कहा, "चूंकि उन्होंने मुझे यह व्यक्तिगत रूप से दिया है, इसलिए मुझे यह मिल गया है। मैंने अभी तक उन्हें कोई जवाब नहीं दिया है क्योंकि मुझे एक बार फिर कुछ राय लेने की जरूरत है।"
उन्होंने इस प्रस्तावित विलय को महज एक औपचारिकता मानने के प्रति आगाह किया, भले ही उन्होंने पहले आठ विधायकों के विलय को मान्यता दी थी।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, "कई लोगों को यह तार्किक लग सकता है कि चूंकि मैंने पहले आठ विधायकों के विलय को मान्यता दी है, इसलिए यह भी केवल एक औपचारिकता होगी, लेकिन ऐसा नहीं है।" उन्होंने कहा कि अपना फैसला सुनाने से पहले उन्हें तय प्रक्रिया का पालन करना होगा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या यह प्रस्तावित विलय दो-तिहाई की शर्त को पूरा करता है, तो संगमा ने कहा कि गणितीय रूप से संख्या इस सीमा से अधिक लग रही है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि मामला इतना सीधा नहीं है।
उन्होंने कहा, "जो भी हो, मुझे कानूनी राय लेनी होगी और उचित समय पर अपना फैसला सुनाना होगा।"
विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों के भौतिक सत्यापन (physical verification) की बात कही।
संगमा ने यह भी बताया कि सोमवार को तीन में से केवल दो विधायक ही उनके सामने पेश हुए। तीसरे विधायक, जिनकी पहचान उन्होंने नुजोंग किशूमो के रूप में की, शहर से बाहर हैं और बताया जा रहा है कि वे अपना इलाज करवा रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें यह सत्यापित करने की आवश्यकता है कि क्या प्रत्येक विधायक ने अपनी मर्जी से इस विलय के लिए सहमति दी है।
उन्होंने कहा कि वे इस बारे में कानूनी सलाह ले रहे हैं कि क्या ऐसा सत्यापन ऑनलाइन किया जा सकता है, या फिर जो विधायक मौजूद नहीं हैं, उनका व्यक्तिगत रूप से (physical presence) वहां होना जरूरी होगा। संगमा ने कहा, "मैं ऑनलाइन पुष्टि कर पाऊं या न कर पाऊं, मुझे उनकी राय लेनी ही होगी। वरना, जैसा कि आपने कहा, हो सकता है कि उनकी शारीरिक उपस्थिति की भी जरूरत पड़े।"
स्पीकर का फैसला यह तय करेगा कि प्रस्तावित विलय को लागू कानूनी प्रक्रिया के तहत कैसे आगे बढ़ाया जाए। जब तक वे अपना फैसला नहीं सुना देते, तब तक यह आवेदन जांच के दायरे में रहेगा।
Next Story





