
Meghalaya मेघालय: मेघालय सरकार ने री भोई जिले में उमियम झील क्षेत्र में प्रस्तावित फाइव-स्टार रिज़ॉर्ट परियोजना से लम्पोंगडेंग आइलैंड को हटाने का फैसला किया है। यह निर्णय स्थानीय समूहों और स्टेकहोल्डर्स के लगातार विरोध के बाद लिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, ताज ग्रुप से जुड़े उमियम होटल प्राइवेट लिमिटेड के साथ किए गए समझौते में अब आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। यह कदम स्थानीय लोगों की चिंताओं और विरोध को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
यह फैसला सरकारी प्रतिनिधियों और पारंपरिक गांव के मुखिया संगठनों के समूह ‘सिंजुक की रंगबाह श्नोंग’ के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया। बैठक में आइलैंड को परियोजना में शामिल किए जाने पर उठ रही आपत्तियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रशासन ने माना कि आइलैंड को शामिल करने से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा था और संभावित रूप से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन सकती थी। इसी कारण इसे परियोजना से पूरी तरह हटाने का निर्णय लिया गया।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि लम्पोंगडेंग आइलैंड अब किसी भी विकास योजना का हिस्सा नहीं रहेगा। हालांकि, उमियम ऑर्किड लेक रिज़ॉर्ट का बड़ा पर्यटन प्रोजेक्ट पहले की योजना के अनुसार जारी रहेगा।
यह रिज़ॉर्ट लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जहां पहले से बुनियादी ढांचा मौजूद है। सरकार का कहना है कि विकास कार्य इस तरह किया जाएगा कि किसी भी संवेदनशील पारिस्थितिक या सांस्कृतिक क्षेत्र को नुकसान न पहुंचे।
अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना मूल रूप से बिना किसी स्थायी निर्माण के, कम प्रभाव वाले पर्यटन अनुभव को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई थी। लेकिन स्थानीय लोगों की लगातार आपत्तियों और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए आइलैंड को पूरी तरह योजना से अलग कर दिया गया है।
विरोध कर रहे समूहों, जिनमें कई सिविल सोसाइटी संगठन भी शामिल थे, ने इस फैसले का स्वागत किया है। कुछ समूहों ने आइलैंड को परियोजना से हटाने की मांग को लेकर लगभग दो सप्ताह तक भूख हड़ताल भी की थी।
सरकार ने कहा है कि आगे भी विकास परियोजनाओं में स्थानीय समुदायों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विकास और पर्यावरण तथा संस्कृति के बीच संतुलन बना रहे।
इस फैसले को क्षेत्र में तनाव कम करने और पर्यटन विकास को अधिक स्वीकार्य दिशा में आगे बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।





