
Meghalaya मेघालय: मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने 25 मई को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राज्य के शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों का ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया। इस बैठक में राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और छात्रों के प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए चल रही योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, कॉनराड के संगमा ने बताया कि मेघालय सरकार शिक्षा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए संस्थागत और शैक्षणिक सुधारों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना और छात्रों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाना है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की मौजूदा शिक्षा संरचना की विस्तृत जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि लगभग 30 लाख की आबादी वाले मेघालय में करीब 14,600 स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो पूर्वोत्तर राज्यों में असम के बाद सबसे अधिक संख्या है। इतनी बड़ी संख्या में स्कूल होने के कारण संसाधनों के वितरण, अनुदान प्रणाली और प्रशासनिक प्रबंधन में कई तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अधिक संख्या में स्कूलों के चलते कई जगहों पर संसाधनों का दोहराव हो रहा है और प्रशासनिक प्रणाली में भी जटिलताएं उत्पन्न हो रही हैं। इसके कारण शिक्षा के स्तर पर असमानता देखने को मिलती है और छात्रों के प्रदर्शन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि कैसे शिक्षा व्यवस्था को अधिक कुशल और प्रभावी बनाया जा सकता है। सरकार का फोकस स्कूलों के समेकन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
मुख्यमंत्री संगमा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बताया कि राज्य सरकार लगातार विभिन्न सुधारात्मक कदम उठा रही है, जिनमें डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना, स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और मूल्यांकन प्रणाली को मजबूत करना शामिल है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में सहयोग और समर्थन की भी मांग की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बैठक में मेघालय सरकार के प्रयासों की सराहना की और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस बैठक को मेघालय के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में नीति स्तर पर कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
कुल मिलाकर, कॉनराड के संगमा द्वारा प्रस्तुत शिक्षा सुधार ब्लूप्रिंट राज्य की शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, संतुलित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।





