मेघालय

कोयले के स्टॉक में बड़ा अंतर, हाई कोर्ट की रिपोर्ट में खुलासा

nidhi
10 Oct 2026 1:32 PM IST
कोयले के स्टॉक में बड़ा अंतर, हाई कोर्ट की रिपोर्ट में खुलासा
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मेघालय में कोयले का हिसाब नहीं मिला
शिलांग: मेघालय हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी.पी. कटाके की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी 41वीं अंतरिम रिपोर्ट में राज्य के कोयला भंडार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कोयले और वास्तविक भौतिक सत्यापन में 13,02,456.184 मीट्रिक टन कोयले का अंतर सामने आया है। समिति ने इस कमी की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े
रिकॉर्ड में दर्ज कोयला
32.57 लाख टन
सत्यापन में मिला कोयला
19.54 लाख टन
कोयले की कमी
13.02 लाख टन
अनुमानित ट्रक लोड
52,000
25 टन प्रति ट्रक के हिसाब से
रिपोर्ट की अन्य प्रमुख बातें
- अवैध कोयला गायब: कोल इंडिया लिमिटेड के डिपो से बाहर पहचाने गए 37,449.53 टन अवैध खनन वाले कोयले के गायब होने का मामला सामने आया। सरकार ने सभी मामलों में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी, लेकिन जांच की स्थिति का पूरा ब्योरा नहीं दिया।
- रैट-होल खदानें असुरक्षित: समिति के अनुसार, बार-बार निर्देश देने के बावजूद परित्यक्त रैट-होल खदानों के मुहाने बंद नहीं किए गए।
- जब्ती के बाद कार्रवाई अधूरी: वर्ष 2023 से 2026 के बीच 62 वाहन और 92 उपकरण जब्त किए गए, लेकिन संबंधित कानून के तहत जब्ती की अंतिम कार्रवाई केवल एक मामले में शुरू हुई।
- पर्यावरण सुधार में देरी: खनन प्रभावित नदियों के पुनरुद्धार और पर्यावरण संरक्षण की कई योजनाएं अब तक लागू नहीं हुई हैं।
समिति ने राज्य सरकार से गायब कोयले की जिम्मेदारी तय करने, अवैध खनन रोकने, खदानों को सुरक्षित करने और लंबित जांच पूरी करने के लिए समयसीमा निर्धारित करने को कहा है।
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