मेघालय
वकीलों का विरोध प्रदर्शन उग्र: AG अमित कुमार को हटाने की मांग
Tara Tandi
8 Oct 2026 6:52 PM IST

x
मेघालय: राज्य के एडवोकेट जनरल अमित कुमार को हटाने की मांग को लेकर मेघालय भर के वकीलों ने 7 अक्टूबर को अपना आंदोलन तेज़ कर दिया। उनका आरोप है कि राज्य सरकार के आश्वासन के बावजूद कुमार अदालतों में पेश होते रहे।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बार एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करने वाले बड़ी संख्या में वकीलों ने शिलांग में चल रहे विरोध प्रदर्शन के तहत एक रैली में हिस्सा लिया।
रैली के बाद मीडिया से बात करते हुए किशोर गौतम ने कहा कि वकील पहले मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा से मिले थे, जिसके बाद उन्हें आश्वासन दिया गया था कि कुमार मेघालय हाई कोर्ट या राज्य की किसी अन्य अदालत या ट्रिब्यूनल के सामने पेश नहीं होंगे।
गौतम ने आरोप लगाया कि आश्वासन के बावजूद, कुमार हाई कोर्ट और ट्रायल कोर्ट में पेश होते रहे।
गौतम ने कहा, "मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद, हमें एक बार फिर आश्वासन दिया गया कि श्री अमित कुमार हाई कोर्ट या मेघालय राज्य की किसी भी अदालत या ट्रिब्यूनल में पेश नहीं होंगे।"
उन्होंने कहा कि बाद में, पिछली बैठक के दौरान मुख्यमंत्री का संपर्क नंबर मिलने पर उन्होंने व्हाट्सएप और एसएमएस के ज़रिए मुख्यमंत्री को कुमार के लगातार पेश होने के बारे में जानकारी दी थी।
गौतम ने कहा कि इसके बाद वकील अदालती कार्यवाही का बहिष्कार फिर से शुरू करने के लिए मजबूर हुए।
उन्होंने कहा, "हमारी मांग वही है: हम श्री अमित कुमार को हटाना चाहते हैं।" उन्होंने सवाल किया कि सरकार के साथ बार-बार बातचीत और बैठकों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
वकीलों ने पहले 1 अक्टूबर से न्यायिक कामकाज के राज्यव्यापी बहिष्कार की घोषणा की थी (जिसमें ज़मानत और ज़रूरी मामलों को छूट दी गई थी)। उन्होंने ऐसा कुमार के अदालतों में लगातार पेश होने के कारण किया, जबकि उनके अनुसार सरकार ने आश्वासन दिया था कि वह ऐसा नहीं करेंगे।
गौतम ने कहा कि मेघालय भर के बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि इस मांग के समर्थन में एकजुट हैं और विरोध के अलग-अलग तरीकों से आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि ज़िला अदालत और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारी समितियां आगे की कार्रवाई तय करने के लिए बैठक करेंगी।
कानूनी बिरादरी और कुमार के बीच यह विवाद कई हफ़्तों से चल रहा है। बार एसोसिएशन ने पहले कुमार को अपनी सूची से हटा दिया था और उन्हें एडवोकेट जनरल के पद से हटाने की मांग की थी, जबकि कुमार का कहना है कि एडवोकेट जनरल के तौर पर उनकी नियुक्ति राज्य सरकार का अधिकार है और उन्हें एक वकील के तौर पर प्रैक्टिस करने का अधिकार है।
Next Story





