मेघालय

शिलांग हॉकर सोशल ऑडिट में खुलीं खामियां, CoV और स्टॉल आवंटन पर सवाल

nidhi
1 Oct 2026 3:39 PM IST
शिलांग हॉकर सोशल ऑडिट में खुलीं खामियां, CoV और स्टॉल आवंटन पर सवाल
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सोशल ऑडिट में सामने आई कमियां
शिलांग: खिंडैलाड MUDA हॉकर मार्केट के सोशल ऑडिट में विक्रेताओं के रिकॉर्ड, Certificate of Vending यानी CoV, स्टॉल आवंटन और पुनर्वास सहायता से जुड़ी कई कमियां सामने आई हैं। यह ऑडिट Street Vendors Act, 2014 के तहत C&AG–CRISP पायलट सोशल ऑडिट के रूप में किया गया।
25 से 29 सितंबर के बीच किए गए सत्यापन में आधिकारिक रिकॉर्ड की तुलना हॉकरों के दस्तावेजों और जमीनी स्थिति से की गई। सार्वजनिक सुनवाई में 250 से अधिक हॉकर शामिल हुए और उन्होंने सर्वे स्लिप, CoV, बैंक रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेज पेश किए।
ऑडिट में कुछ ऐसे मामले सामने आए, जिनमें दस्तावेज होने के बावजूद विक्रेताओं को रिकॉर्ड में “Not Surveyed” दिखाया गया था। कई मामलों में नाम, स्टॉल नंबर, CoV की अवधि, व्यापार विवरण और फोटो तक आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे।
स्टॉल आवंटन को लेकर भी कई हॉकरों ने शिकायत की कि उन्हें स्पष्ट औपचारिक आवंटन पत्र नहीं मिला। कुछ विक्रेताओं का कहना था कि उन्हें जिस स्थान का आश्वासन दिया गया था, वास्तविक स्टॉल उससे अलग मिला। कुछ मामलों में स्टॉल चलाने वाले व्यक्ति और CoV धारक या नामित व्यक्ति के बीच भी स्पष्ट मेल नहीं मिला।
पुनर्वास सहायता को लेकर भी सवाल उठे। तय ₹20,000 की सहायता राशि कुछ लोगों को नहीं मिली, जबकि कुछ हॉकरों ने ₹6,000 से ₹18,000 तक ही मिलने की बात कही। ऑडिट टीम ने इन भुगतानों का आधिकारिक रिकॉर्ड और बैंक खातों से मिलान करने की जरूरत बताई।
हॉकरों ने छोटे स्टॉल, खराब स्वच्छता, पानी की कमी, ड्रेनेज, वेंटिलेशन और रोशनी जैसी समस्याएं भी उठाईं। कई लोगों ने कहा कि पुनर्वास के बाद उनकी ग्राहक संख्या और आय प्रभावित हुई।
जनसुनवाई में नगर निकाय, शहरी मामलों के विभाग और MUDA के प्रतिनिधि मौजूद नहीं थे। डिप्टी अकाउंटेंट जनरल बिनोद भुजेल ने कहा कि शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया न होने से जवाबदेही की प्रक्रिया कमजोर पड़ सकती है।
अब जूरी की सिफारिशें संबंधित विभागों को भेजी जाएंगी। इसके बाद अंतिम रिपोर्ट, कार्रवाई की समीक्षा और सरकार के साथ आगे की बैठक की प्रक्रिया होगी।
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