मेघालय

श्री सीमेंट प्रोजेक्ट EIA को लेकर जैंतिया नेशनल काउंसिल की चेतावनी

Kavita2
8 May 2026 4:13 PM IST
श्री सीमेंट प्रोजेक्ट EIA को लेकर जैंतिया नेशनल काउंसिल की चेतावनी
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Meghalaya मेघालय: ईस्ट जैंतिया हिल्स में प्रस्तावित श्री सीमेंट प्रोजेक्ट को लेकर विवाद तेज हो गया है। जैंतिया नेशनल काउंसिल (JNC) ने चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार 15 मई तक पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) रिपोर्ट पर उनकी आपत्तियों का जवाब नहीं देती है, तो संगठन मेघालय सचिवालय तक मार्च करेगा।

JNC ने अपनी केंद्रीय कार्यकारी समिति की ओर से जारी बयान में राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों की चुप्पी पर गंभीर चिंता और गहरी निराशा जताई है। संगठन ने कहा कि उन्होंने 30 अप्रैल को मेघालय राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MSPCB), राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA मेघालय) और शिलांग स्थित पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय में औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

मीडिया से बातचीत में JNC ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट की EIA रिपोर्ट में कई गंभीर विसंगतियां हैं। संगठन के अनुसार, रिपोर्ट में गुजरात राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) के तहत की गई कार्यवाही का उल्लेख किया गया है, जबकि परियोजना ईस्ट जैंतिया हिल्स, मेघालय में प्रस्तावित है।

JNC ने सवाल उठाया कि जब परियोजना मेघालय में स्थित है, तो अन्य राज्य की प्राधिकरण प्रक्रिया का उल्लेख रिपोर्ट में कैसे शामिल किया गया और राज्य के संबंधित अधिकारियों ने इस दस्तावेज़ को कैसे स्वीकार और आगे प्रोसेस किया।

संगठन का कहना है कि यह मुद्दा केवल प्रशासनिक गलती नहीं बल्कि पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर मामला है। JNC ने मांग की है कि EIA रिपोर्ट की विस्तृत और निष्पक्ष समीक्षा की जाए और सभी विसंगतियों पर स्पष्ट जवाब दिया जाए।

JNC ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकार या संबंधित एजेंसियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो वह शांतिपूर्ण लेकिन बड़े पैमाने पर सचिवालय मार्च आयोजित करेगा।

इस चेतावनी के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर भी इस परियोजना को लेकर बहस तेज हो गई है और लोग पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं।

फिलहाल राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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