मेघालय

शिलॉन्ग में वकील को सड़क पर घुमाने का मामला, लॉ इंटर्न से छेड़छाड़ के आरोप के बाद मचा हंगामा

Saba Naaz
31 July 2026 7:16 PM IST
शिलॉन्ग में वकील को सड़क पर घुमाने का मामला, लॉ इंटर्न से छेड़छाड़ के आरोप के बाद मचा हंगामा
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मेघालय: राजधानी शिलॉन्ग में एक वकील को कथित छेड़छाड़ के आरोप के बाद सड़क पर घुमाए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना 28 जुलाई को हुई, जब एक वकील पर अपनी चैंबर में एक लॉ इंटर्न के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा। घटना के बाद स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों में भारी नाराजगी देखी गई, जिसके बाद आरोपी वकील को सड़क पर ले जाकर सार्वजनिक रूप से घुमाया गया।

जानकारी के अनुसार, यह घटना शिलॉन्ग के कीटिंग रोड इलाके में स्थित वकील के चैंबर से जुड़ी है। आरोप है कि कानून की पढ़ाई कर रही एक इंटर्न के साथ चैंबर के अंदर छेड़छाड़ की गई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद मामला तेजी से फैल गया और लोगों में आक्रोश बढ़ गया।

आरोप लगने के बाद कुछ लोगों ने आरोपी वकील को पकड़ लिया और उसे सड़कों पर घुमाया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद रहे। घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आईं, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया। हालांकि, इस तरह किसी आरोपी को सार्वजनिक रूप से दंडित करने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि आरोपी दोषी पाया जाता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पीड़िता के बयान समेत मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। आरोप साबित होने से पहले किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना कानून व्यवस्था के लिए चुनौती पैदा कर सकता है। वहीं, महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है।

लॉ इंटर्न के साथ कथित घटना ने वकालत जैसे पेशे में सुरक्षा और व्यवहार को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है। कई लोगों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच होनी चाहिए ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

मेघालय बार से जुड़े लोगों और स्थानीय संगठनों की ओर से भी मामले पर नजर रखी जा रही है। अभी तक पुलिस की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि कानून के जानकार और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को भी आचार संहिता और नैतिक जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए। वहीं, प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह पीड़िता को न्याय दिलाने के साथ-साथ कानून व्यवस्था बनाए रखे।

फिलहाल शिलॉन्ग पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आरोपी के खिलाफ आगे कौन-कौन से कदम उठाए जाएंगे।

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