मेघालय

UDP में टूट हुई तो BJP होगी मजबूत जानें सत्ता पर क्या पड़ेगा असर

nidhi
11 Sept 2026 12:44 PM IST
UDP में टूट हुई तो BJP होगी मजबूत जानें सत्ता पर क्या पड़ेगा असर
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UDP विधायकों के पाला बदलने से क्या होगा
शिलांग: मेघालय की राजनीति में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में संभावित रूप से शामिल होने की चर्चा ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। अगर UDP के विधायकों का बड़ा समूह वास्तव में BJP का दामन थामता है, तो राज्य विधानसभा में भाजपा की ताकत तेजी से बढ़ सकती है। हालांकि केवल इस बदलाव से मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली सरकार का गिरना जरूरी नहीं होगा।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि UDP के कितने विधायक BJP में जाते हैं। संख्या के आधार पर विधानसभा का गणित और दल-बदल कानून दोनों महत्वपूर्ण हो जाएंगे।
BJP की ताकत में हो सकता है बड़ा इजाफा
60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में NPP सबसे बड़ी पार्टी है। UDP भी राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक ताकतों में शामिल है, जबकि BJP के विधायकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है।
अगर उदाहरण के तौर पर UDP के नौ विधायक एक साथ BJP में शामिल होते हैं और उनका विलय कानूनी रूप से मान्य होता है, तो भाजपा की विधानसभा में संख्या काफी बढ़ जाएगी। इससे BJP सरकार का नेतृत्व भले न करे, लेकिन गठबंधन की राजनीति में उसका प्रभाव बढ़ सकता है।
क्या लागू होगा दल-बदल कानून?
इस पूरे घटनाक्रम में संविधान की दसवीं अनुसूची यानी दल-बदल कानून महत्वपूर्ण होगा। सामान्य रूप से किसी पार्टी का विधायक दल बदलता है तो उसके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही हो सकती है।
हालांकि कानून में विलय से संबंधित अपवाद भी है। यदि किसी विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य दूसरी राजनीतिक पार्टी में विलय के लिए सहमत होते हैं, तो उन्हें निर्धारित परिस्थितियों में दल-बदल के आधार पर अयोग्यता से संरक्षण मिल सकता है।
ऐसी स्थिति में अंतिम कानूनी तस्वीर विधायकों की वास्तविक संख्या, उनके कदम की प्रकृति और विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष होने वाली प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
क्या गिर जाएगी कॉनराड संगमा सरकार?
सिर्फ UDP विधायकों के BJP में जाने से कॉनराड संगमा सरकार का गिरना तय नहीं होगा। सरकार का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री के पास बहुमत का समर्थन बना रहता है या नहीं।
अगर NPP अपने दम पर या सहयोगी दलों के साथ बहुमत का आंकड़ा बनाए रखती है, तो सरकार सुरक्षित रहेगी। इसलिए UDP से BJP में जाने वाले विधायकों की संख्या बढ़ने का मतलब अपने आप सत्ता परिवर्तन नहीं है।
BJP का बढ़ सकता है राजनीतिक दबाव
BJP की संख्या बढ़ती है तो इसका असर सरकार के भीतर सत्ता संतुलन पर दिखाई दे सकता है। पार्टी कैबिनेट में अधिक प्रतिनिधित्व, महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों या नीतिगत मामलों में बड़ी भूमिका की मांग कर सकती है।
इसके अलावा अगले विधानसभा चुनाव से पहले BJP को संगठनात्मक रूप से भी फायदा मिल सकता है। बड़ी संख्या में मौजूदा विधायकों का साथ मिलने से पार्टी का स्थानीय नेटवर्क मजबूत हो सकता है।
UDP को लग सकता है सबसे बड़ा झटका
इस संभावित बदलाव का सबसे सीधा नुकसान UDP को होगा। यदि उसके अधिकांश विधायक BJP में चले जाते हैं तो विधानसभा में उसकी ताकत काफी कम हो सकती है। इसका प्रभाव पार्टी के संगठन और आगामी चुनावी रणनीति पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल विधायकों के संभावित पाला बदलने से जुड़ी चर्चाओं और वास्तविक राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अंतर रखना जरूरी है। जब तक संबंधित विधायक, पार्टियां या विधानसभा स्तर पर औपचारिक कदम नहीं उठाया जाता, इसे संभावित राजनीतिक परिदृश्य के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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