मेघालय

FIFA वर्ल्ड कप फाइनल के चलते तीन पूर्वोत्तर राज्यों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी

nidhi
20 July 2026 1:53 PM IST
FIFA वर्ल्ड कप फाइनल के चलते तीन पूर्वोत्तर राज्यों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी
x
मेघालय, मणिपुर और मिजोरम सरकार का बड़ा फैसला

मेघालय : पूर्वोत्तर भारत में लगातार सक्रिय मानसून ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मेघालय, मणिपुर और मिजोरम में हो रही लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इसी को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने 20 जुलाई को एहतियात के तौर पर स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया है।

प्रशासन का कहना है कि छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। खराब मौसम को देखते हुए अनावश्यक आवाजाही से बचने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
क्यों बंद किए गए स्कूल और कॉलेज?
लगातार हो रही बारिश के कारण पूर्वोत्तर के कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
स्कूल-कॉलेज बंद रखने के प्रमुख कारण—
लगातार मूसलाधार बारिश।
निचले इलाकों में जलभराव।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा।
सड़कों पर यातायात प्रभावित होना।
छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
मेघालय में क्या हैं हालात?
मेघालय के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं और पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने की घटनाएं सामने आई हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
मणिपुर में भी मौसम बना चुनौती
मणिपुर के कई हिस्सों में लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कुछ इलाकों में जलभराव और सड़क संपर्क प्रभावित होने की खबरें हैं।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तैनात रखने के निर्देश दिए हैं।
मिजोरम में भूस्खलन का खतरा
मिजोरम में पहाड़ी भूभाग होने के कारण भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें प्रभावित हुई हैं।
इसी को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा के लिए शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
मौसम विभाग ने क्या कहा?
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर भारत में मानसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है। अगले कुछ दिनों तक कई स्थानों पर—
हल्की से मध्यम बारिश।
कुछ इलाकों में भारी बारिश।
गरज-चमक के साथ वर्षा।
तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है।
ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने जारी किए जरूरी निर्देश
राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि—
अनावश्यक यात्रा से बचें।
जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करें।
पहाड़ी मार्गों पर सावधानी बरतें।
बच्चों को खराब मौसम में बाहर न निकलने दें।
किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की हेल्पलाइन से संपर्क करें।
छात्रों के लिए क्या सलाह?
शिक्षा विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से कहा है कि वे स्कूलों के संबंध में केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। यदि मौसम में सुधार नहीं होता है, तो आगे भी आवश्यकतानुसार नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
ऑनलाइन सूचना माध्यमों और स्कूल प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई है।
मानसून में क्यों जरूरी है सावधानी?
विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून के दौरान अचानक मौसम बदल सकता है। तेज बारिश के कारण कुछ ही घंटों में सड़कें जलमग्न हो सकती हैं और भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं।
Next Story