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मेघालय के उमरोई में PRAGATI 2026 अभ्यास जारी, 12 देशों के 400 से अधिक सैनिक शामिल

Kavita2
25 May 2026 5:20 PM IST
मेघालय के उमरोई में PRAGATI 2026 अभ्यास जारी, 12 देशों के 400 से अधिक सैनिक शामिल
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Meghalaya मेघालय: मेघालय के उमरोई में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास PRAGATI 2026 का पहला संस्करण जारी है। यह अभ्यास 20 मई को शुरू हुआ था और अब अपने उच्च-तीव्रता वाले परिचालन चरण (हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशनल फेज़) में पहुंच चुका है। इस संयुक्त सैन्य ड्रिल में 12 साझेदार देशों के 400 से अधिक सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं।

यह अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने, विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने और संयुक्त रूप से प्रतिक्रिया देने की क्षमताओं को विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। इसके माध्यम से प्रतिभागी सेनाओं के बीच समन्वित प्रशिक्षण और पेशेवर संवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जा सके।

PRAGATI 2026 को समानता, आपसी सम्मान और सैन्य सहयोग के सिद्धांतों के आधार पर संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य वास्तविक फील्ड परिस्थितियों में बहुराष्ट्रीय सहयोग को प्रभावी बनाना और संयुक्त ऑपरेशन की क्षमता को मजबूत करना है।

इस अभ्यास की एक प्रमुख विशेषता विभिन्न देशों के सैनिकों से मिलकर बनी संयुक्त बहुराष्ट्रीय टीमों का गठन है। इन टीमों में सभी भाग लेने वाले देशों के सैनिकों को शामिल किया गया है, जो मिलकर समन्वित टैक्टिकल मिशनों को पूरा कर रहे हैं।

इन संयुक्त टीमों को जमीनी स्तर पर आयोजित अभ्यासों में सक्रिय रूप से शामिल किया गया है, जहां वे विभिन्न सैन्य रणनीतियों और ऑपरेशनल परिस्थितियों में एक साथ कार्य कर रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य संचालन में तालमेल, सिंक्रोनाइज़ेशन और दक्षता को बढ़ाना है।

अभ्यास के दौरान सैनिकों को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में निर्णय लेने और संयुक्त रूप से कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे न केवल उनकी तकनीकी क्षमता में सुधार हो रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और समझ भी मजबूत हो रही है।

PRAGATI 2026 को क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा सहयोग के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण अभ्यास माना जा रहा है, जो भविष्य में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभियानों में बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद करेगा।

इस अभ्यास से जुड़ी गतिविधियां आने वाले दिनों में भी जारी रहेंगी, जहां विभिन्न चरणों में और अधिक जटिल और समन्वित सैन्य अभ्यास किए जाएंगे।

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