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कॉनराड संगमा ने तोड़ी चुप्पी
शिलांग: मेघालय की राजनीति में जारी हलचल और सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के विधायकों के दल बदलने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की गठबंधन सरकार पूरी तरह स्थिर है और पार्टी के भीतर किसी प्रकार का गंभीर मतभेद नहीं है। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक अस्थिरता से जुड़ी खबरों को महज अटकलें बताते हुए कहा कि चिंता करने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को शिलांग में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर एनपीपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पार्टी के सभी 33 विधायक शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग और स्नियावभालांग धर भी बैठक में मौजूद रहे। सभी विधायकों की उपस्थिति को पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक एकजुटता के संकेत के रूप में प्रस्तुत किया।
दरअसल, मेघालय में हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन के भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावनाएं जताई जा रही थीं। इसी बीच यह चर्चा भी सामने आई कि एनपीपी के कुछ विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और पार्टी छोड़ सकते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में सामने आ रही बातों का कोई ठोस आधार नहीं है। एनपीपी के विधायक एकजुट हैं और सरकार के सामने कोई गंभीर संकट नहीं है।
मुख्यमंत्री ने विधायक दल की बैठक को आपातकालीन बैठक बताने से भी इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के विधायक नियमित रूप से मिलते हैं और शासन, प्रशासन तथा विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हैं। ऐसी बैठकों का उद्देश्य विधायकों की समस्याओं को समझना और सरकार के कामकाज को बेहतर बनाना होता है। मेघालय की 60 सदस्यीय विधानसभा में एनपीपी के पास 33 विधायक हैं। ऐसे में पार्टी अपने दम पर बहुमत की स्थिति में है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने गठबंधन की स्थिरता पर भरोसा जताया है। हालांकि हालिया राजनीतिक बदलावों के कारण सहयोगी दलों की भूमिका और सरकार के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर चर्चा बनी हुई है।
बैठक में शामिल वरिष्ठ नेताओं ने भी पार्टी में किसी प्रकार की टूट की संभावना से इनकार किया। उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने एनपीपी को तोड़ने के कथित प्रयासों से जुड़ी खबरों को खारिज किया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सभी विधायक मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के नेतृत्व में एकजुट हैं और सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।
इस बीच राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों पर भी मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल हुए पूर्व यूडीपी विधायकों को मंत्री बनाने अथवा मंत्रिमंडल में बदलाव करने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। फिलहाल सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। दूसरी ओर, नगालैंड में एनपीपी को राजनीतिक झटका लगा है। वहां पार्टी के पांचों विधायक नगा पीपुल्स फ्रंट में शामिल हो गए हैं। इस घटनाक्रम पर कॉनराड संगमा ने निराशा जताई, लेकिन भरोसा दिलाया कि पार्टी पूर्वोत्तर में अपने संगठन को दोबारा मजबूत करेगी। उन्होंने राजनीतिक चुनौतियों से उबरकर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया।
मेघालय में विधायकों की एकजुटता दिखाने वाली बैठक को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे मुख्यमंत्री संगमा ने पार्टी के भीतर मतभेद और सरकार पर संकट की चर्चाओं का जवाब देने का प्रयास किया है। फिलहाल एनपीपी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस की सरकार स्थिर है और सभी विधायक एकजुट हैं। हालांकि राज्य में हालिया दल-बदल के बाद गठबंधन के राजनीतिक समीकरणों पर आने वाले दिनों में भी नजर बनी रहेगी।
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