मणिपुर
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा CM समेत चार नेताओं के पुतले फूंके
Ratna Netam
20 Oct 2026 5:31 PM IST

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इंफाल। मणिपुर में एक बार फिर हिंसा और कानून-व्यवस्था को लेकर तनाव बढ़ गया है। तीन युवकों की हत्या और तीन अन्य लोगों के घायल होने की घटना के बाद मंगलवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह, उपमुख्यमंत्री नेमचा किपजेन, गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम और राज्यसभा सांसद अधिकारिमयुम शारदा देवी के पुतले जलाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने चारों नेताओं के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार शांति बहाल करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है।
तीन लोगों की हत्या के बाद भड़का विरोध
मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में सोमवार, 19 अक्टूबर को हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे। यह घटना नोंगसम पहाड़ी क्षेत्र के पास हुई, जहां कुछ ग्रामीण जलावन की लकड़ियां इकट्ठा करने गए थे।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसी दौरान अज्ञात हथियारबंद लोगों ने ग्रामीणों पर गोलीबारी कर दी। हमले में तीन लोगों की जान चली गई और अन्य लोग घायल हो गए।घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पुतले जलाए
मंगलवार को उयुमपोक क्षेत्र में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।इस दौरान मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह, उपमुख्यमंत्री नेमचा किपजेन, गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम और राज्यसभा सांसद अधिकारिमयुम शारदा देवी के पुतले जलाए गए।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार हो रही हिंसक घटनाओं के कारण आम नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और जिम्मेदार नेताओं को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
तीन संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन
यह विरोध प्रदर्शन 'उयुमपोक मामंग लेइकाई नुपी', 'लामजिंग लुप' और 'उयुमपोक मामंग लेइकाई वेलफेयर यूथ क्लब' के बैनर तले आयोजित किया गया।इन संगठनों ने मंगलवार सुबह उयुमपोक मामंग लेइकाई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सोमवार को हुई हिंसक घटना की कड़ी निंदा की।संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और हमले के जिम्मेदार लोगों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी हुआ प्रदर्शन
सोमवार को हुई गोलीबारी के बाद स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया था।रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी मृतकों के शव लेकर मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचे और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग उठाई।इस घटना के बाद राज्य में फिर से जातीय तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने घटना की निंदा की
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने तीन नागरिकों की हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की।इस बैठक में गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम, मुख्य सचिव, पुलिस अधिकारी तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हिंसा के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों ने भी घटना की निंदा करते हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
मणिपुर में शांति बहाली फिर बनी चुनौती
मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा के कारण विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बना हुआ है। लंबे समय तक चली हिंसक घटनाओं के बाद राज्य में शांति बहाल करने की कोशिशें जारी हैं।हालांकि, ताजा गोलीबारी ने एक बार फिर नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।हमले के लिए संदिग्ध उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन घटना की अंतिम जिम्मेदारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।फिलहाल प्रदर्शनकारी मृतकों के परिवारों को न्याय दिलाने, आरोपियों की गिरफ्तारी और राज्य में शांति व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सहित चार नेताओं के पुतले जलाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।
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