मणिपुर

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा उग्रवादियों के हमले में 3 ग्रामीणों की मौत

Ratna Netam
19 Oct 2026 9:18 PM IST
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा उग्रवादियों के हमले में 3 ग्रामीणों की मौत
x
इंफाल। मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की घटना से तनाव बढ़ गया है। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास संदिग्ध हथियारबंद उग्रवादियों ने ग्रामीणों के एक समूह पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और राजधानी इंफाल के ख्वैरमबंद इमा मार्केट सहित कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।शुरुआती रिपोर्टों में दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में एक अन्य घायल की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। हमले के बाद तीन ग्रामीणों के लापता होने की जानकारी भी सामने आई है।
जलावन की लकड़ी लेने गए ग्रामीणों पर हमला
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह लगभग सात बजे 16 ग्रामीणों का एक समूह जंगल में जलावन की लकड़ी एकत्र करने गया था। इसी दौरान इंफाल पूर्वी जिले के नोंगशुम और कांगपोकपी सीमा के पास हथियारबंद हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं।अचानक हुई गोलीबारी से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए भागे, जबकि कई गोली लगने से घायल हो गए।मृतकों की पहचान अरुबम रोनिल, लाइरेनलाकपम इनाओबी और क्षेत्रीमयुम सुशील के रूप में हुई है।अधिकारियों के अनुसार, दो ग्रामीणों की घटनास्थल पर मौत हो गई, जबकि तीसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इमा मार्केट में महिलाओं ने किया विरोध प्रदर्शन
हमले की खबर फैलते ही इंफाल में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ख्वैरमबंद इमा मार्केट में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार हिंसक घटनाओं के बावजूद आम लोगों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।खुरई लामलोंग इलाके में भी स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। घटना के बाद इंफाल के कई बाजारों और दुकानों के बंद रहने की खबरें सामने आईं।प्रदर्शनकारियों की मांग है कि हमलावरों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने दो मृतकों के शव मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर रखकर विरोध प्रदर्शन किया।इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग करने लगे।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान के मुर्दाघर पहुंचाया गया।घटना को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास और आसपास के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री खेमचंद युमनाम
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इंफाल के नॉर्थ एओसी स्थित राज मेडिसिटी अस्पताल का दौरा किया।उन्होंने हमले में घायल नागरिकों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने घायलों के परिजनों और अस्पताल के चिकित्सकों से भी बातचीत की।उन्होंने डॉक्टरों को घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।मुख्यमंत्री ने हिंसा की घटना की निंदा करते हुए नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने बुलाई उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक
हमले के बाद मुख्यमंत्री ने सचिवालय में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।बैठक में गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, सुरक्षा सलाहकार और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।इसके अलावा सेना, असम राइफल्स, सीआरपीएफ और बीएसएफ सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हाल की हिंसक घटनाओं को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
मणिपुर में फिर बढ़ी शांति व्यवस्था की चुनौती
मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद कई क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी रही है। राज्य में शांति बहाल करने और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास कायम करने के प्रयास लगातार जारी हैं।इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी की सीमा पर हुई ताजा गोलीबारी ने एक बार फिर नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।फिलहाल हमलावरों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों की जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
Next Story