
Manipur मणिपुर: मणिपुर के उखरुल ज़िले में तीन दिवसीय पक्षी जनगणना के दौरान 73 अलग-अलग पक्षी प्रजातियों और कुल 803 पक्षियों को दर्ज किया गया है। इस सर्वेक्षण को राज्य में जैव विविधता के दस्तावेज़ीकरण के प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
यह पक्षी जनगणना विशेष रूप से पारिस्थितिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शिरुई और फांगरेई क्षेत्रों में की गई, जहाँ प्राकृतिक आवास और वन्य जीवन की विविधता काफी समृद्ध मानी जाती है। इस अभ्यास के दौरान कई दुर्लभ और स्थानीय प्रजातियों की उपस्थिति भी दर्ज की गई, जो क्षेत्र की जैविक समृद्धि को दर्शाती है।
यह कार्यक्रम ‘जैव विविधता के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस’ के अवसर पर उखरुल वन प्रभाग द्वारा आयोजित किया गया था। इसमें पर्यावरण संरक्षण संगठन ‘एनवायरनमेंटल फ़ोर्स एट ग्रास रूट लेवल’ (ENFOGAL) ने सहयोग प्रदान किया।
सर्वेक्षण में म्यांमार सीमा से सटे पहाड़ी इलाके के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों को भी शामिल किया गया, जिससे इस अभियान को और व्यापक बनाया गया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अध्ययन क्षेत्र में मौजूद जैव विविधता को समझने और उसके संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं।
इस जनगणना में पेटिग्रे कॉलेज के प्राणीशास्त्र विभाग के छात्रों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्रों की भागीदारी ने न केवल शोध कार्य को मजबूती दी, बल्कि उन्हें फील्ड अनुभव भी प्रदान किया, जिससे भविष्य में वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी समझ और जागरूकता बढ़ेगी।
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के नियमित सर्वेक्षणों से पक्षियों की आबादी, उनके आवास और पर्यावरणीय बदलावों पर नजर रखने में मदद मिलती है। इससे संरक्षण रणनीतियों को बेहतर बनाने में भी सहायता मिलती है।
कुल मिलाकर, उखरुल में हुई यह पक्षी जनगणना मणिपुर की समृद्ध जैव विविधता को उजागर करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





