मणिपुर

मणिपुर में 24 घंटे में हिंसा की दो घटनाएं, 4 लोगों की मौत; CM आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन

Rajeshwari Nishad
19 Oct 2026 10:21 PM IST
मणिपुर में 24 घंटे में हिंसा की दो घटनाएं, 4 लोगों की मौत; CM आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
x
मणिपुर : मणिपुर में 24 घंटे के भीतर हिंसा की दो घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। सोमवार को जंगल में लकड़ी लेने गए तीन लोगों की संदिग्ध उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना से नाराज लोग शव लेकर इंफाल पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
इससे पहले रविवार रात थौबल जिले में दो समुदायों के बीच झड़प के दौरान एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई थी। दोनों घटनाओं के बाद राज्य के अलग-अलग इलाकों में तनाव बढ़ गया है। अधिकारियों के मुताबिक, एक अन्य घटना में चार लोग घायल हुए हैं, जबकि तीन लोगों के
लापता
होने की जानकारी भी सामने आई है।
लकड़ी लेने गए 16 लोगों के समूह पर घात लगाकर हमला
तीन लोगों की हत्या की घटना कांगपोकपी जिले के खोंगबाल सुनुरोक उयोक इलाके में हुई। यह जगह इंफाल ईस्ट जिले के नोंगशुम गांव के पास है। अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब सात बजे 16 लोग लकड़ी इकट्ठा करने के लिए पहाड़ियों की ओर गए थे।
इसी दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने समूह पर हमला कर दिया। गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अरुबाम रोनिल (35), लैरेनलकपम इनाओबी (51) और क्षेत्रिमायुम सुशील (32) के रूप में हुई है।
हमले में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। इनमें क्ष देवन की हालत गंभीर बताई गई है। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही हैं।
हत्या की घटना से नाराज स्थानीय लोग तीनों शवों....
हत्या की घटना से नाराज स्थानीय लोग तीनों शवों को लेकर इंफाल पहुंचे। उन्होंने बाबूपारा स्थित मुख्यमंत्री आवास के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर शव रखकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य में मई 2023 से जारी हिंसा और लोगों की सुरक्षा को लेकर नाराजगी जाहिर की। उस समय मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह आवास पर मौजूद थे या नहीं, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी। हालात को संभालने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इस दौरान आंसू गैस के कई गोले छोड़े गए।
बाद में पुलिस ने शवों को जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) पहुंचाया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
थौबल में झड़प के दौरान एक व्यक्ति की मौत
रविवार रात थौबल जिले में दो समुदायों के बीच टकराव हुआ था। पुलिस के अनुसार, इस घटना में लाइशराम राकेश की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए।
झड़प के दौरान पत्थरबाजी भी हुई। कुछ घरों और वाहनों में आग लगाए जाने की खबर है। घटना के बाद प्रशासन ने खंगाबोक और संगाईयुम्फम इलाकों में लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगाईं। हालात को काबू में रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा इंफाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास हुई गोलीबारी में चार लोगों के घायल होने और तीन लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं के बीच पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मणिपुर में इस साल फरवरी से...
मणिपुर में इस साल फरवरी से अलग-अलग इलाकों में हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। फरवरी में उखरुल जिले के लितान इलाके में विवाद के बाद तनाव बढ़ा था। इसके बाद पत्थरबाजी, गोलीबारी और आगजनी की घटनाएं हुईं। प्रशासन को कर्फ्यू और इंटरनेट प्रतिबंध जैसे कदम उठाने पड़े।
अप्रैल में उखरुल जिले के सिनाकीथेल और मुल्लम गांवों के पास गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों की मौत की खबर आई थी। मई में उखरुल और कामजोंग जिलों में भी गोलीबारी और आगजनी हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए और घरों को नुकसान पहुंचा।
अगस्त और सितंबर में भी नगा और कुकी-जो समुदायों के बीच तनाव तथा हिंसा की खबरें सामने आती रहीं। अक्टूबर में कामजोंग जिले के चसाद गांव में हथियारबंद समूहों के बीच गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत और चार लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी।
लगातार हो रही घटनाओं से राज्य में शांति बहाल करने की चुनौती बनी हुई है। ताजा हत्याओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था और हिंसा रोकने के प्रयासों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।
Next Story