मणिपुर

मणिपुर कांग्रेस ने विपक्षी नेताओं की हिरासत के विरोध में 'ब्लैक डे' मनाया

Tara Tandi
10 Oct 2026 3:51 PM IST
मणिपुर कांग्रेस ने विपक्षी नेताओं की हिरासत के विरोध में ब्लैक डे मनाया
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इंफाल: मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) ने राष्ट्रीय विपक्षी नेताओं की हिरासत के विरोध में इंफाल स्थित कांग्रेस भवन में "काला दिवस" ​​मनाया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी विरोध-प्रदर्शनों से निपटने का तरीका और लोकतांत्रिक संस्थाओं का कथित दुरुपयोग था।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर आयोजित इस विरोध-प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता और पार्टी कार्यकर्ता "लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, मणिपुर बचाओ" के बैनर तले एकजुट हुए।
यह प्रदर्शन नई दिल्ली में 7 अक्टूबर को हुई एक घटना के बाद किया गया, जिसमें कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने एक मार्च के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेने के लिए बल प्रयोग किया।
मीडिया को संबोधित करते हुए इबोबी सिंह ने इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया और इसे "लोकतंत्र के लिए काला दिवस" ​​करार दिया। उन्होंने केंद्र और मणिपुर में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकारों पर राजनीतिक सत्ता बनाए रखने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
इबोबी सिंह ने मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज पर भी सवाल उठाए और संभावित अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, INDIA गठबंधन और अन्य लोकतांत्रिक संगठनों के साथ मिलकर तब तक अपना आंदोलन जारी रखेगी जब तक जवाबदेही सुनिश्चित नहीं हो जाती।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बारे में पार्टी के रुख के बारे में पूछे जाने पर इबोबी सिंह ने कहा कि कुमार के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेंगे।
यह हालिया विरोध-प्रदर्शन 25 सितंबर को MPCC सदस्यों द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद हुआ, जब उन्होंने लैम्फेलपट में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च किया था और कुमार की गिरफ्तारी व उन्हें हटाने की मांग की थी।
उस विरोध-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प हुई थी और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था।
MPCC ने कहा कि ये प्रदर्शन चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर सरकार के रवैये और संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग के विरोध का हिस्सा थे।
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