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इंफाल: मणिपुर के कई हिस्सों में नागा गांवों और स्थानीय समुदायों की संपत्ति पर हुए हमलों के बाद तनाव बढ़ गया है। गांव के अधिकारियों ने बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि आगे कोई और चूक नहीं होनी चाहिए।
तुमयुओन खुलेन ग्राम प्राधिकरण ने रविवार दोपहर को हुई आगजनी की घटना की कड़ी निंदा की है। बताया जा रहा है कि इस घटना में माराम नागा गांव के कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया। ग्राम प्राधिकरण के अनुसार, यह घटना 1 नवंबर को दोपहर करीब 3:30 बजे हुई, जब कुकी समूहों के संदिग्ध लोगों ने कथित तौर पर कई घरों में आग लगा दी।
गांव के नेताओं ने घटना के समय वहां मौजूद केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने चिंता जताई कि सुरक्षा बल न तो बीच-बचाव कर पाए, न ही निवासियों की रक्षा कर सके और न ही संपत्ति को नष्ट होने से बचा सके। उन्होंने सुरक्षा बलों की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
ग्राम प्राधिकरण ने तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए राज्य प्रशासन से कहा है कि वे दोषियों की पहचान करें, उन्हें गिरफ्तार करें और उन पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और चेतावनी दी कि उनके संयम को कमजोरी न समझा जाए।
प्राधिकरण ने यह भी चेतावनी दी कि अगर इलाके में तनाव और बढ़ता है या सुरक्षा में कोई और चूक होती है, तो इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।
एक अन्य घटना में, नोनी जिले के तजेइकाइफुन नागा गांव (जो नुंगबा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है) पर सशस्त्र हमले की खबर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, भारी हथियारों से लैस कुकी उग्रवादियों के संदिग्ध गुट ने बम और बंदूकों से हमला किया और फिर घरों तथा सामुदायिक इमारतों में आग लगा दी।
बताया जा रहा है कि नागा गांव के सुरक्षा प्रहरियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे हमलावर आगे नहीं बढ़ पाए और पड़ोसी बस्तियों तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। हालांकि, रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रहने की खबरें हैं। खबर लिखे जाने तक, गांव की रक्षा करने वालों में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
एक और घटना इंफाल पूर्व जिले से सामने आई है, जहां अज्ञात उपद्रवियों ने सान्त्रोक और थियाम के बीच स्थित फुनाल मारिंग गांव के पारंपरिक प्रवेश द्वार को तोड़ दिया और उसमें आग लगा दी।
फुनाल मारिंग ग्राम प्राधिकरण की अध्यक्ष पी. मेम्मा ने इस घटना की निंदा की है और इसे स्थानीय मारिंग समुदाय की सांस्कृतिक विरासत पर हमला बताया है। उन्होंने कहा कि इस गेट का काफी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है, क्योंकि इसे समुदाय के बुजुर्गों ने बनवाया था। मेम्मा ने चेतावनी दी कि तोड़फोड़ की ऐसी घटनाएं गलतफहमियों को और गहरा कर सकती हैं और राज्य में समुदायों के बीच पहले से मौजूद दूरियों को और बढ़ा सकती हैं।
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