
Manipur मणिपुर: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में 5 मई को आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली, जब यहां स्किल ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट सेरेमनी कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। यह कार्यक्रम आर्ट ऑफ लिविंग के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
इस कार्यक्रम में विशेष रूप से सिलाई और मोबाइल फोन रिपेयरिंग जैसे व्यावहारिक प्रशिक्षण कोर्स पर जोर दिया गया। आयोजकों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लंबे समय से बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती रही है, ऐसे में इन कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए, जिससे उन्हें आगे रोजगार या अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने में मदद मिल सके।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन की भूमिका भी अहम रही। उन्होंने इस पहल के लिए आवश्यक स्पॉन्सरशिप और समर्थन उपलब्ध कराया। उनके सहयोग से यह कार्यक्रम केवल कांगपोकपी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह की प्रशिक्षण पहल शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
अधिकारियों और आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस माइक्रो-बिज़नेस और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देना है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल पारंपरिक नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय छोटे स्तर पर अपने व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना है। सिलाई, मोबाइल रिपेयरिंग जैसे कौशल प्रशिक्षण को इस दृष्टि से काफी उपयोगी माना जा रहा है, क्योंकि इनसे कम पूंजी में भी स्वरोजगार के अवसर बनाए जा सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर इस पहल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं ने भी इसमें उत्साह दिखाया है और प्रशिक्षण को अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताया है। कई प्रतिभागियों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने और अपने परिवार की आय बढ़ाने में मदद करेंगे।
इस पहल के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि शिक्षा और कौशल विकास के जरिए ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर बनाए जा सकते हैं। अधिकारियों का मानना है कि अगर इस तरह के कार्यक्रम लगातार चलते रहे, तो मणिपुर के युवाओं में आत्मनिर्भरता की भावना और मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, कांगपोकपी में शुरू हुआ यह स्किल ट्रेनिंग कार्यक्रम न केवल रोजगार के नए रास्ते खोल रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत भी दे रहा है।





