मणिपुर
SIR विरोध प्रदर्शन: TMC ने दिल्ली पुलिस की तैनाती पर उठाए सवाल
Tara Tandi
17 Oct 2026 6:04 PM IST

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मणिपुर: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक कुणाल घोष ने 17 अक्टूबर को दिल्ली में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को संभालने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि मणिपुर में लंबे समय से चल रहे जातीय संघर्ष के दौरान वहां इतनी सुरक्षा क्यों नहीं तैनात की गई?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गुट से जुड़े घोष ने यह टिप्पणी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस आरोप के जवाब में की, जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्षी दल बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन चाहते हैं और युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल "अराजकता" फैलाने के लिए कर रहे हैं।
घोष ने कहा, "हम अराजकता का समर्थन नहीं करते हैं। लेकिन जब नई पीढ़ी किसी मुद्दे पर सवाल उठाती है, तो उन्हें समझाना आपकी जिम्मेदारी है।"
युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की तैनाती पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इन्हीं संसाधनों का इस्तेमाल मणिपुर के हालात को संभालने के लिए किया जा सकता था।
"आपके पास इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल मौजूद हैं। उन्हें युवाओं के खिलाफ क्यों तैनात किया जा रहा है? आपको इतनी ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों को मणिपुर भेजना चाहिए था।" उन्होंने कहा, "अगर आपने उन्हें सही समय पर मणिपुर भेजा होता, तो वहां की समस्या हल हो गई होती।"
मई 2023 से मणिपुर जातीय हिंसा की चपेट में है, जिसमें मुख्य रूप से घाटी में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदाय शामिल हैं। इस संघर्ष में कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं।
इसके अलावा, राज्य में कुकी और नागा समूहों के बीच हुई झड़पों में भी इस साल फरवरी से अब तक लगभग 50 लोगों की जान जाने की खबर है।
घोष की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय राजधानी में विपक्षी दलों और युवा समूहों ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) के SIR (सप्लीमेंट्री इलेक्टोरल रोल) में गड़बड़ियां की गई हैं।
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने शुक्रवार को मध्य दिल्ली में 'लहरा दो तिरंगा' मार्च का आह्वान किया था। प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और छात्र नेता नेहा बोरा समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया।
इसके बाद, कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस और अन्य जगहों पर इकट्ठा हुए।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण (रिवीजन) के दौरान मनमाने ढंग से मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। वहीं, BJP ने विपक्षी दलों पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने और अशांति फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
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