मणिपुर

1949 विलय का विरोध: 'ब्लैक डे' बंद से मणिपुर ठप

Tara Tandi
15 Oct 2026 7:45 PM IST
1949 विलय का विरोध: ब्लैक डे बंद से मणिपुर ठप
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मणिपुर: 15 अक्टूबर को पूरे मणिपुर में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। प्रतिबंधित विद्रोही समूहों के संगठन 'कोऑर्डिनेशन कमिटी' (CorCom) ने 12 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था। 1949 में भारत के साथ मणिपुर के विलय की वर्षगांठ के मौके पर बुलाए गए इस बंद के कारण बाजार, सार्वजनिक परिवहन और शिक्षण संस्थान पूरी तरह ठप रहे।
यह बंद सुबह 6 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे खत्म होना था। बाजार, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि यात्री वाहन और अंतर-राज्यीय परिवहन सेवाएं भी सड़कों से नदारद रहीं।
इंफाल और अन्य शहरों की सड़कें सुनसान नजर आईं, जहां इक्का-दुक्का निजी और आपातकालीन वाहन ही चलते दिखे।
ख्वैरामबंद इमा मार्केट, पाओना मार्केट और थांगल मार्केट जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्र बंद रहे। शिक्षण संस्थान और निजी कार्यालय भी बंद रहे, जिससे रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ा।
चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं, मीडिया के कामकाज और धार्मिक आयोजनों को इस बंद से छूट दी गई थी।
इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं मिली है।
15 अक्टूबर को 'कोऑर्डिनेशन कमिटी' (CorCom) और अन्य प्रतिबंधित विद्रोही समूह 'राष्ट्रीय काला दिवस' (National Black Day) के रूप में मनाते हैं, ताकि वे भारतीय संघ में मणिपुर के विलय का विरोध कर सकें।
21 सितंबर 1949 को शिलांग में महाराजा बोधचंद्र सिंह और भारत सरकार के प्रतिनिधियों के बीच विलय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो उसी साल 15 अक्टूबर से लागू हुआ।
विद्रोही समूहों का दावा है कि इस विलय ने मणिपुर से उसकी संप्रभुता छीन ली है। इसलिए, वे हर साल इस दिन को मनाते हैं ताकि भारत के साथ राज्य के एकीकरण का विरोध कर सकें।
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