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कामजोंग को लेकर नागा युवा संगठन का दावा
इंफाल: मणिपुर नागा यूथ ऑर्गनाइजेशन (MNYO) ने रविवार को 11 असम राइफल्स पर आरोप लगाया कि उन्होंने कामजोंग जिले में नागा स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) पर मोर्टार दागे और भारी गोलीबारी की।
संगठन का आरोप है कि सीमा के पास चस्साद गांव में तैनात इस यूनिट ने उन स्वयंसेवकों पर हमला किया, जो स्थानीय निवासियों की सुरक्षा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि ये स्थानीय निवासी म्यांमार स्थित 'कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा' (KNA-B) के उग्रवादियों को पनाह दे रहे थे। इस गोलाबारी में तीन आम नागरिक घायल हो गए और दो घर नष्ट हो गए। MNYO ने कहा कि इस घटना से कामजोंग और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई।
संगठन के अनुसार, यह टकराव तब शुरू हुआ जब नागा स्वयंसेवकों ने KNA-B के कई उग्रवादियों को रोका।
आरोप है कि इन उग्रवादियों के साथ चस्साद गांव का मुखिया भी था। उन्हें कामजोंग पुलिस स्टेशन के पास देखा गया, जहां उन्होंने कथित तौर पर स्थानीय निवासियों को उकसाया या उन पर तंज कसा।
MNYO ने एक वायरल वीडियो का हवाला दिया, जिसमें मारे गए एक उग्रवादी के सीने पर KNA-B का निशान (इंसिग्निया) दिख रहा है। संगठन का कहना है कि यह इस बात का सबूत है कि इलाके में विदेशी उग्रवादी मौजूद हैं। यह घटना IT रोड पर 'एन तेइखांग' (N Teikhang) में हुई एक अलग गोलीबारी के दौरान हुई।
MNYO ने इस गोलाबारी के लिए असम राइफल्स की आलोचना की। संगठन ने इस घटना की तुलना उस स्थिति से की, जब इस साल की शुरुआत में नागा गांवों पर उग्रवादी हमलों के दौरान सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की थी।
संगठन ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सुरक्षा बलों की इस हरकत की तुरंत और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
इसके अलावा, संगठन ने उप मुख्यमंत्री नेमचा किपजेन के इस्तीफे की भी मांग की है। उनका आरोप है कि जहां एक तरफ किपजेन ने कुकी इलाकों में हुए हमलों की निंदा की, वहीं उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र में नागा गांवों पर KNF-P नामक उग्रवादी समूह लगातार हमले कर रहा है। आरोप है कि इस समूह का नेतृत्व उनके पति करते हैं।
MNYO ने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह इस इलाके में अपहरण, हत्या और उग्रवादी गतिविधियों में कुकी पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता को नजरअंदाज कर रही है।
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