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इंफाल: ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन, मणिपुर (ANSAM) ने केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना करते हुए कहा है कि वे संवेदनशील इलाकों में लोगों की सुरक्षा करने में नाकाम रही हैं। संगठन ने हाल ही में 17 साल के एक छात्र की हत्या के मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
एक बयान में, छात्र संगठन ने आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून लागू करने में अधिकारियों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की क्षमता पर सवाल उठाए हैं।
ANSAM ने अपर टाको गांव के 17 वर्षीय NK विफेनबो की हत्या की निंदा की। संगठन का आरोप है कि कुकी नेशनल फ्रंट (प्रेसिडेंशियल) (KNF-P) के सदस्यों और उनसे जुड़े कुकी सशस्त्र उग्रवादियों ने तमेंगलोंग जिले के तमेई सब-डिविजन के तहत टाको और तामा (मालेक) गांवों के बीच छात्र की हत्या कर दी।
संगठन का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकारें 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स' (SoO) समझौते के तहत काम कर रहे कुकी उग्रवादियों द्वारा नागा लोगों और अन्य मूल समुदायों पर किए जा रहे हमलों पर कोई कार्रवाई करने में नाकाम रही हैं।
ANSAM ने कहा कि इस समझौते के तहत काम करने वाले समूहों ने आम नागरिकों, शिक्षकों, महिलाओं, छात्रों और बच्चों को निशाना बनाया है। संगठन ने इन कथित घटनाओं को आम नागरिकों की सुरक्षा करने में अधिकारियों की विफलता बताया है।
छात्र संगठन ने यह भी कहा कि लोग सरकार से जान-माल की सुरक्षा की उम्मीद करते हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ़ सरकारी बयान ही मिले हैं। संगठन का कहना है कि कानून लागू करने के लिए कार्रवाई किए बिना सिर्फ़ निंदा करने से हालात नहीं सुधरेंगे।
ANSAM ने भारत सरकार और मणिपुर सरकार से छात्र की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, संगठन ने संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती की भी मांग की है।
संगठन का कहना है कि सरकारी बयानों और राजनीतिक बातचीत के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई और आम नागरिकों की सुरक्षा के उपाय भी किए जाने चाहिए।
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