मणिपुर
यौन उत्पीड़न केस में सांसद अकोइजम को समन दिल्ली पुलिस करेगी पूछताछ
Ratna Netam
15 Oct 2026 2:56 PM IST

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इंफाल : 15 अक्टूबर 2026। मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम गुरुवार को दिल्ली पुलिस के समन के जवाब में इंफाल से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने अन्याय के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल उनके खिलाफ लगे आरोपों का जवाब देने के लिए नहीं है, बल्कि उनके लोगों द्वारा दशकों से झेले जा रहे अन्याय और कठिनाइयों के खिलाफ संघर्ष की शुरुआत भी है।सांसद अकोइजम को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले की जांच में शामिल होने के लिए दिल्ली पुलिस ने नोटिस जारी किया है। उन्होंने आरोपों से इनकार किया है और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस समन के बाद दिल्ली जाने का फैसला
दिल्ली रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में सांसद बिमोल अकोइजम ने कहा कि उन्हें पुलिस की ओर से समन मिला है और वह उसका जवाब देने जा रहे हैं।उन्होंने कहा, "मैं वहां जा रहा हूं क्योंकि पुलिस का समन आया है। चिंता न करें, न्याय जरूर होगा। यह उन सभी अन्यायों को खत्म करने की शुरुआत है, जिन्हें मेरे लोगों ने दशकों तक सहा है।"सांसद ने स्पष्ट किया कि वह कानूनी प्रक्रिया में शामिल होंगे और अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके संघर्ष का दायरा केवल व्यक्तिगत आरोपों तक सीमित नहीं रहेगा।
दशकों से झेले जा रहे अन्याय का उठाया मुद्दा
अकोइजम ने अपने बयान में मणिपुर के लोगों की समस्याओं और दशकों से चली आ रही कठिनाइयों का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई न्याय के लिए है और वह अपने लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को भी उठाते रहेंगे।सांसद के अनुसार, यह यात्रा उन सभी परिस्थितियों के खिलाफ आवाज उठाने की शुरुआत है, जिन्हें वह अपने समुदाय के साथ हुआ अन्याय मानते हैं।उन्होंने विश्वास जताया कि न्याय मिलेगा और इसके लिए वह संघर्ष जारी रखेंगे।
यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है मामला
दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को जेएनयू की छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में सांसद अकोइजम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।मामला विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच और जेएनयू प्रशासन की ओर से पुलिस को भेजे गए दस्तावेजों से जुड़ा है।रिपोर्टों के अनुसार, विश्वविद्यालय की कम से कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायतें की थीं। इन आरोपों के आधार पर विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने जांच की थी।इसके बाद 9 अक्टूबर को अकोइजम को जेएनयू में प्रोफेसर के पद से बर्खास्त कर दिया गया था। सांसद ने इस कार्रवाई का विरोध किया है और जांच प्रक्रिया को अनुचित बताया है।
दिल्ली पुलिस ने जांच में शामिल होने को कहा
दिल्ली पुलिस ने अकोइजम को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया है।इस नोटिस के माध्यम से उन्हें जांच में शामिल होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 और 79 से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा का अपमान करने वाले शब्दों, इशारों या कृत्यों से संबंधित आरोप शामिल हैं।फिलहाल मामले की पुलिस जांच जारी है। आरोपों की अंतिम कानूनी सत्यता न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित होगी।
समर्थकों ने भी जताया सांसद के प्रति समर्थन
इस मामले को लेकर मणिपुर में अकोइजम के समर्थकों ने भी प्रदर्शन किया है।बुधवार को इंफाल में उनके आवास के बाहर समर्थक एकत्र हुए और सांसद के समर्थन में नारे लगाए। इसके बाद प्रदर्शनकारी बीजेपी कार्यालय की ओर भी गए।समर्थकों ने सांसद के खिलाफ लगाए गए आरोपों और विश्वविद्यालय की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अकोइजम के प्रति एकजुटता दिखाई।
न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संदेश
दिल्ली रवाना होने से पहले सांसद अकोइजम ने स्पष्ट किया कि वह कानूनी प्रक्रिया से पीछे नहीं हटेंगे।उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक सवालों से जुड़ी हुई है।उनके बयान से स्पष्ट है कि वह अपने खिलाफ चल रहे मामले में कानूनी पक्ष रखने के साथ मणिपुर के लोगों की समस्याओं को भी उठाना चाहते हैं।अब दिल्ली पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। मामले में शिकायतकर्ताओं के आरोप और सांसद का पक्ष जांच के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
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