मणिपुर
मणिपुर: 4 नागा नागरिकों की हत्या पर बवाल, JTCM ने की कड़ी निंदा
Tara Tandi
12 Oct 2026 3:24 PM IST

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इम्फाल: मकुई और टापोन गांवों में हुए अलग-अलग हमलों में चार नागा नागरिकों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। इस घटना की जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल मणिपुर (JTCM) की वर्किंग कमेटी ने कड़ी निंदा की है।
आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करके की गई इन घटनाओं को "बर्बर नरसंहार" बताते हुए, आदिवासी संगठन ने राज्य और केंद्र सरकारों से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने एक पीड़ित का गायब सिर वापस करने की भी मांग की ताकि परिवार पारंपरिक अंतिम संस्कार कर सके। साथ ही चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं की गई, तो हिंसा और बढ़ने पर अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
JTCM ने मृतकों की पहचान इस प्रकार की है: माचुंगामंग डाइमाई (एक विलेज गार्ड, जिस पर टापोन गांव में घात लगाकर हमला किया गया था); डिबाम्बू रिंगकांगमाई (48); और अज़िनबू आर. रिंगकांगमाई (52) - ये दोनों मकुई के रहने वाले थे। चौथे पीड़ित की पहचान रामनिंगपोउ गैंगमेई (53) के रूप में हुई, जो तमेंगलोंग जिले के लुआंगचुम गांव के रहने वाले थे।
काउंसिल के अनुसार, डिबाम्बू रिंगकांगमाई के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि अज़िनबू आर. रिंगकांगमाई का सिर काट दिया गया। काउंसिल का आरोप है कि हमलावर अज़िनबू का सिर लेकर भाग गए, जिससे पीड़ित परिवार पारंपरिक अंतिम संस्कार नहीं कर सका।
घायल बचे दो लोगों की पहचान माथांगाम्बू चावांग और नैशोन पामे के रूप में हुई है, जिनका इलाज चल रहा है।
JTCM ने 'सस्पेंशन ऑफ़ ऑपरेशन्स' (SoO) फ्रेमवर्क की व्यापक समीक्षा की भी मांग की। उनका तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था हिंसा रोकने में विफल रही है और इसके बजाय सशस्त्र समूहों को तय इलाकों से बाहर काम करने की छूट मिल गई है।
काउंसिल ने अवैध हथियारों के वेरिफाइड सरेंडर और उन प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने की मांग की जिनके तहत उग्रवादी समूहों को अपने तय कैंपों में ही रहना होता है। संगठन का कहना है कि और हमलों को रोकने के लिए बेहतर निगरानी और जवाबदेही जरूरी है।
आदिवासी संगठन ने कई लोगों और कुकी सशस्त्र समूहों पर हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल होने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इन ताजा घटनाओं ने मणिपुर में नागा-कुकी तनाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। JTCM के अनुसार, फरवरी 2026 से हिंसा में मारे गए या घायल हुए नागा लोगों की संख्या कम से कम 32 हो गई है।
काउंसिल ने कहा कि वह पीड़ितों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सभी उपलब्ध रास्ते अपनाती रहेगी और साथ ही अधिकारियों पर और अधिक खून-खराबे को रोकने के लिए कदम उठाने का दबाव भी बनाए रखेगी।
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