
Manipur मणिपुर: बिष्णुपुर ज़िले में हाल ही में हुए प्रोजेक्टाइल हमले में दो बच्चों की मौत के विरोध में सोमवार रात इम्फाल में हालात तनावपूर्ण हो गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई, जिसमें स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
यह घटना 7 अप्रैल को ट्रोंगलाओबी में हुए धमाके के बाद सामने आई, जिसमें दो बच्चों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद से मणिपुर की घाटी के विभिन्न जिलों में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी सरकार से जवाबदेही और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, इम्फाल पश्चिम जिले में मायाई लांबी से केशामथोंग तक लगभग सात किलोमीटर लंबी मशाल रैली निकाली गई थी। रैली के दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारी केशामपत की ओर बढ़ने लगे, जो संवेदनशील प्रशासनिक क्षेत्र माना जाता है।
इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर कर्फ्यू का उल्लंघन किया और सुरक्षा बलों के साथ झड़प में शामिल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और भीड़ को तितर-बितर किया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और लोहे के छर्रों वाले गुलेल का भी इस्तेमाल किया, जिससे सुरक्षा बलों को खतरा पैदा हो गया।
राज्य के पांच घाटी जिलों में कर्फ्यू प्रतिबंध अब भी लागू हैं, जिसके तहत शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे तक आवाजाही पर रोक लगी हुई है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से कई क्षेत्रों में निगरानी और कड़ी कर दी है।
पुलिस ने यह भी बताया कि इम्फाल पश्चिम के अलग-अलग इलाकों में कर्फ्यू उल्लंघन, सड़क जाम और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारियां 19 अप्रैल को की गई थीं।
इसी बीच, उखरुल जिले में 18 अप्रैल को टी.एम. कासोम क्षेत्र में हुए हमले में मारे गए दो नागरिकों की याद में सोमवार रात कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में स्थानीय लोगों के साथ-साथ सिविल सोसाइटी संगठनों ने भी हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों ने इस हमले की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि पीड़ितों को हथियारबंद उग्रवादियों ने स्नाइपर फायर से निशाना बनाया था। राज्य में तनावपूर्ण माहौल के बीच सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।





