मणिपुर
CEC ज्ञानेश के इस्तीफे के समर्थन में उतरी मणिपुर पीपल्स पार्टी, ECI पर निशाना
Tara Tandi
3 Oct 2026 7:56 PM IST

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मणिपुर: मणिपुर पीपल्स पार्टी (MPP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की देशव्यापी मांग का समर्थन किया है। पार्टी का आरोप है कि भारत के चुनाव आयोग की आज़ादी से समझौता किया गया है।
MPP के प्रवक्ता डॉ. सेरम रोजेश ने मणिपुर के सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर 2 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पार्टी ने कहा कि यह प्रदर्शन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में चलाए जा रहे उस बड़े अभियान का हिस्सा था, जिसमें कुमार के इस्तीफ़े की मांग की जा रही है।
MPP का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, जनपथ रोड और आस-पास के इलाकों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। रोजेश ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने की कार्रवाई की निंदा की और कहा कि इकट्ठा होने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे नागरिकों को डराया-धमकाया नहीं जाना चाहिए और न ही उन पर ज़रूरत से ज़्यादा बल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
पार्टी ने यह भी दावा किया कि देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए, जिनमें मुंबई भी शामिल है, जहाँ बॉलीवुड हस्तियों ने विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया।
MPP ने ECI की आज़ादी पर सवाल उठाए
MPP का आरोप है कि चुनाव आयोग आज़ाद तौर पर काम नहीं कर रहा है और उसने आयोग की संस्थागत स्वायत्तता पर सवाल उठाए।
चुनाव आयोग के कामकाज पर 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक जांच का ज़िक्र करते हुए रोजेश ने कहा कि रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर फ़ैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर चिंताएं जताई गई थीं। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई मौकों पर चुनाव आयोग के फ़ैसलों पर औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी।
MPP ने चुनाव आयोग के कामकाज में ज़्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की और उसके फ़ैसलों की स्वतंत्र जांच की अपील की।
पार्टी ने SIR और मणिपुर की वोटर लिस्ट को लेकर चिंताएं जताईं
पार्टी ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) को लेकर भी चिंताएं जताईं और लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए।
MPP ने यह भी आरोप लगाया कि रिविज़न प्रक्रिया के दौरान मणिपुर की वोटर लिस्ट में बड़ी संख्या में गैर-मणिपुरी मतदाताओं को शामिल किया गया था और उसने एक पारदर्शी और स्वतंत्र जांच की मांग की।
ये आरोप SIR और वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर चल रहे बड़े राष्ट्रीय विवाद के बीच सामने आए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि SIR पर उसके फ़ैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे, साथ ही उसने इस प्रक्रिया को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद अपने वोटर-रोल सॉफ़्टवेयर की समीक्षा करने की भी घोषणा की है।
MPP ने मणिपुर संकट को राष्ट्रीय राजनीतिक चिंताओं से जोड़ा
रोज़ेश ने मणिपुर के हालात को उन व्यापक चिंताओं से भी जोड़ा जिन्हें पार्टी ने BJP के नेतृत्व वाली सरकार के तहत लोकतांत्रिक संस्थाओं और शासन-व्यवस्था से जुड़ा बताया है।
मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य ने राजनीतिक बंटवारे और संस्थागत विफलता का सामना किया है और तर्क दिया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर ऐसी ही चिंताएं अब राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाई जा रही हैं।
MPP ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की और केंद्र से चुनाव आयोग की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और स्वतंत्रता को मज़बूत करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।
ज्ञानेश कुमार ने 19 फ़रवरी, 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर कार्यभार संभाला और वे चुनाव आयोग के प्रमुख बने हुए हैं।
MPP ने नागरिक समाज के संगठनों और नागरिकों से भी संवैधानिक अधिकारों, चुनावी पारदर्शिता और संस्थागत स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सक्रिय रहने का आह्वान किया।
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