मणिपुर

मणिपुर: इम्फाल में लोग मनाते दिवाली, पटाखों की रौशनी से जगमगाया शहर

SHIDDHANT
21 Oct 2025 7:36 PM IST
मणिपुर: इम्फाल में लोग मनाते दिवाली, पटाखों की रौशनी से जगमगाया शहर
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Manipur मणिपुर। देशभर की तरह मणिपुर के इम्फाल शहर में भी दिवाली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोग घरों और बाजारों को दीपों और रंगोली से सजाकर रातभर रोशनी का त्योहार मनाते रहे। इस मौके पर इम्फाल की सड़कों और गलियों में पटाखों की आवाज़ और रोशनी से शहर चमक उठा। शहर के प्रमुख बाजारों और residential क्षेत्रों में लोग पारंपरिक रूप से दीपक जलाने के साथ ही रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से घरों को सजाते नजर आए। बच्चों और युवाओं ने खासकर पटाखों का आनंद लिया, जबकि परिवारों ने मिलकर मिठाइयां और खाने-पीने की चीजें बांटीं।
स्थानीय प्रशासन ने इस दौरान सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के इंतजाम किए थे। पुलिस और फायर सर्विस की टीमों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में गश्त बढ़ाई, ताकि पटाखों के चलते किसी प्रकार की दुर्घटना या आगजनी की स्थिति को रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को पटाखों के सुरक्षित उपयोग और बच्चों की सुरक्षा के लिए चेतावनी दी। दिवाली के इस मौके पर लोग पारिवारिक और सामाजिक मेलजोल का भी आनंद लेते हैं। इम्फाल के लोग पूजा-पाठ के साथ घर और मंदिरों में दीप जलाते हैं, ताकि सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। बाजारों में खरीदी-बिक्री का भी उत्साह देखा गया, जहां लोग नए कपड़े, सजावटी सामान और मिठाइयों की खरीदारी में जुटे रहे।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि दिवाली का पर्व न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि यह सामाजिक मेलजोल और परिवारिक संबंधों को भी मजबूत करता है। युवा और बच्चे उत्साह के साथ पटाखों और आतिशबाजी का आनंद लेते हैं, जबकि बुजुर्ग परिवार और समाज में शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। हालांकि, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बार-बार लोगों से अपील की कि वे अत्यधिक शोर वाले पटाखों से बचें और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन क्रैकर्स या नॉन-ब्लास्ट फायरवर्क्स का इस्तेमाल करें। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि चोटों और दुर्घटनाओं की संभावना भी घटेगी।
इस अवसर पर इम्फाल शहर के प्रमुख स्थानों और मंदिरों में विशेष पूजा और दीपोत्सव आयोजित किए गए। लोगों ने पारंपरिक गीत और भजन गाकर त्योहार का आनंद लिया। दुकानदारों और व्यवसायियों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि दिवाली की खरीदारी ने बाजारों में रौनक बढ़ा दी। इम्फाल में दिवाली का यह जश्न दर्शाता है कि कैसे उत्तर-पूर्वी भारत के लोग भी देश के अन्य हिस्सों की तरह इस पर्व को अपने रंग और संस्कृति के अनुसार मनाते हैं। रंग-बिरंगी रोशनी, पटाखों की चमक और मिठाइयों की खुशबू ने इम्फाल को त्योहार का रंग दिया।
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