मणिपुर

मणिपुर: मैरी कॉम पर कानूनी संकट, मानहानि का मामला

Tara Tandi
8 Oct 2026 7:51 PM IST
मणिपुर: मैरी कॉम पर कानूनी संकट, मानहानि का मामला
x
इंफाल: मणिपुर की छह बार की वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियन और ओलंपिक ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट एम.सी. मैरी कॉम पर उनके पूर्व पति, कारुंग ओंखोलर "ओनलेर" कॉम ने आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया है। इस मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर, 2026 को होगी।
यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 के तहत दर्ज किया गया है, जिसने इंडियन पीनल कोड (IPC) की जगह ली है। इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने पर अधिकतम दो साल की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
यह मामला कई सार्वजनिक इंटरव्यू और टीवी कार्यक्रमों के बाद सामने आया है, जिनमें मैरी कॉम ने अपने पूर्व पति पर शादी के दौरान आर्थिक गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि ओनलेर ने उनके बॉक्सिंग करियर और एंडोर्समेंट से कमाए गए करोड़ों रुपयों का गबन किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना उनके नाम पर लोन लिए गए, उनकी प्रॉपर्टी गिरवी रखी गई और उनकी सहमति के बिना संपत्ति ट्रांसफर की गई।
ओनलेर कॉम ने इन आरोपों से इनकार किया है और उन्हें बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की वजह से उन्हें बहुत परेशानी और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा है।
केस दर्ज करने की पुष्टि करते हुए, उन्होंने आरोपों पर और कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया और कहा कि उनका पक्ष मजबूत है।
ओनलेर के करीबी सूत्रों ने बताया कि निजी परेशानी और परिवार व दोस्तों की पूछताछ के कारण वह कई महीनों से कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, वह हर्जाना और बिना शर्त माफी की मांग कर रहे हैं।
यह विवाद इस जोड़े के 20 साल पुराने रिश्ते के खत्म होने के बाद शुरू हुआ है। मैरी कॉम और ओनलेर पहली बार 2000 में दिल्ली में मिले थे और 2005 में शादी की थी।
बाद में ओनलेर ने घर संभालने और अपने चार बच्चों की परवरिश के लिए अपने खेल के सपनों को छोड़ दिया, जबकि मैरी कॉम ने अपना बॉक्सिंग करियर जारी रखा और छह वर्ल्ड चैंपियनशिप और 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।
मैरी कॉम ने पहले ओनलेर को अपनी "ताकत का आधार" (pillar of strength) बताया था। यह जोड़ा 2023 में पारंपरिक 'कोम' कानून के तहत अलग हो गया था। मैरी कॉम के हालिया टीवी अपीयरेंस और रियलिटी शो 'बिग बॉस' में उनके मौजूदा काम के बाद उनका विवाद फिर से चर्चा में आ गया।
BNS की धारा 356 (जो पहले IPC की धारा 500 थी) के तहत, अभियोजन पक्ष को यह साबित करना होगा कि बयान सार्वजनिक रूप से दिए गए थे, वे पहली नज़र में मानहानि करने वाले थे, और उनका मकसद शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना था।
बचाव पक्ष कुछ अपवादों का सहारा ले सकता है, जैसे कि ऐसे बयान जो सच हों और जनहित में दिए गए हों।
उम्मीद है कि कोर्ट का समन मिलने के बाद मैरी कॉम की कानूनी टीम इस पर जवाब देगी।
Next Story