
Manipur मणिपुर: मणिपुर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक कथित उग्रवादी रिक्रूटर, एक वाहन चोर और प्रतिबंधित संगठन के दो कैडरों सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई घाटी जिलों में चलाए गए संयुक्त सुरक्षा अभियानों के दौरान की गई।
यह ऑपरेशन मणिपुर पुलिस की एंटी-इंसर्जेंसी स्क्वॉड (AIS) और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम द्वारा किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया इनपुट के आधार पर की गई थी, जिसमें एंटी-सोशल तत्वों की गतिविधियों और उनकी मूवमेंट की जानकारी मिली थी।
पहली कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने इंफाल ईस्ट जिले के हेइंगंग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत मंत्रिपुखरी इलाके से एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़े कथित सक्रिय कैडर रिक्रूटर को गिरफ्तार किया। यह व्यक्ति प्रतिबंधित संगठन पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलीपाक (PREPAK) से जुड़ा बताया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान लैशराम सुरजीत मेइतेई उर्फ नानाओ (29 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बिष्णुपुर जिले के मोइरांग खुनौ माखा लेइकाई का निवासी है और वर्तमान में इंफाल ईस्ट जिले के मताई मायाई लेइकाई में रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह व्यक्ति संगठन के लिए नए सदस्यों की भर्ती करने और नेटवर्क को सक्रिय रखने में भूमिका निभा रहा था। पुलिस अब उसके संपर्कों और गतिविधियों की गहन जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
इसके अलावा अन्य ऑपरेशनों में भी सुरक्षा बलों ने घाटी क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए एक वाहन चोर और प्रतिबंधित संगठन से जुड़े दो अन्य कैडरों को गिरफ्तार किया है। इन सभी से पूछताछ जारी है और इनके नेटवर्क तथा गतिविधियों की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य राज्य में असामाजिक और उग्रवादी गतिविधियों पर रोक लगाना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है। सुरक्षा बल लगातार खुफिया सूचनाओं के आधार पर सर्च और एंटी-इंसर्जेंसी ऑपरेशन चला रहे हैं।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि गिरफ्तार व्यक्तियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं, क्योंकि इनके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे मॉड्यूल की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
कुल मिलाकर मणिपुर में की गई यह संयुक्त कार्रवाई राज्य में सक्रिय उग्रवादी और आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।





