मणिपुर
मणिपुर: दूरदराज इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवा बहाल, 'लोकतक दिवस' बना राज्य उत्सव
Tara Tandi
22 Oct 2026 7:53 PM IST

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मणिपुर: मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह की अध्यक्षता में मणिपुर कैबिनेट ने 22 अक्टूबर को दूरदराज के इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवाओं को फिर से शुरू करने को मंजूरी दी। साथ ही, 'लोकटक दिवस' को राज्य उत्सव घोषित किया और पात्र समाचार पत्र प्रिंटिंग प्रेसों को धान की खेती वाली कुछ जमीन का सीमित उपयोग करने के लिए अनुमति मांगने की छूट दी।
ये फैसले मंत्रीपुखरी स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए।
दूरदराज के इलाकों में फिर शुरू होंगी हेलीकॉप्टर सेवाएं
कैबिनेट ने मणिपुर में हेलीकॉप्टर सेवाओं को बहाल करने के लिए भारत सरकार के उपक्रम 'पवन हंस लिमिटेड' को काम पर रखने की मंजूरी दी है। ये सेवाएं 1 अक्टूबर, 2026 से बंद थीं।
इस व्यवस्था के तहत, एक ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर छह महीने तक या टेंडर प्रक्रिया के जरिए किसी नियमित ऑपरेटर के चुने जाने तक काम करेगा। इस सेवा के लिए हर महीने कम से कम 40 घंटे की उड़ान का लक्ष्य रखा गया है।
उम्मीद है कि इस हेलीकॉप्टर सेवा से दूरदराज और पहाड़ी इलाकों का इंफाल से संपर्क फिर से जुड़ जाएगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही आसान होगी और आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा सहायता तक पहुंचना संभव हो सकेगा।
इस पर होने वाला खर्च, केंद्रीय गृह मंत्रालय की 'नॉर्थ ईस्ट हेलीकॉप्टर योजना' के तहत साझा किया जाएगा। अगर केंद्रीय सहायता नहीं मिलती है, तो राज्य सरकार इस सेवा को जारी रखने के लिए पूरा खर्च उठाएगी।
'लोकटक दिवस' को राज्य उत्सव घोषित किया गया
कैबिनेट ने 'लोकटक दिवस' को हर साल राज्य उत्सव के रूप में मनाने का भी फैसला किया है। यह उत्सव 'मेरा' (Mera) महीने की पूर्णिमा को मनाया जाएगा, जिसे 'मेरा-था' (Mera-Tha) का 'थानिल' (Thanil) भी कहा जाता है।
यह सामुदायिक परंपरा 1990 में थांगा (Thanga) से शुरू हुई थी। यह उत्सव लोकटक झील के सम्मान में मनाया जाता है, जो पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है। यह मणिपुर के समुदायों के लिए आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत और उनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
यह वार्षिक उत्सव दो जगहों पर आयोजित किया जाएगा। इस साल 26 अक्टूबर से शुरू होने वाले कार्यक्रम थांगा के 'लोकटक लैरेम्बी ग्राउंड' और 'कोमलाखोंग' (Komlakhong) में आयोजित किए जाएंगे।
'लोकटक विकास प्राधिकरण' (Loktak Development Authority) स्थानीय क्लबों के साथ मिलकर इन कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। इनमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक खेल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां शामिल होंगी। इसमें आम जनता, छात्रों और युवाओं के भाग लेने की उम्मीद है। अखबार प्रिंटिंग प्रेस को 'सार्वजनिक उद्देश्य' के दायरे में शामिल किया गया
एक अन्य फैसले में, कैबिनेट ने 'मणिपुर धान भूमि और आर्द्रभूमि संरक्षण अधिनियम, 2014' (Manipur Conservation of Paddy Land and Wetland Act, 2014) के तहत 'सार्वजनिक उद्देश्यों' की सूची में पंजीकृत और लाइसेंस प्राप्त अखबार प्रिंटिंग प्रेसों को शामिल करने की मंजूरी दी है, जो वेब ऑफसेट मशीनों से लैस हैं।
पात्र प्रिंटिंग प्रेस अब 0.62 एकड़ तक की लगातार जुड़ी हुई धान की भूमि के उपयोग के लिए अनुमति मांग सकते हैं। हालांकि, इसके लिए इस अधिनियम के अन्य सुरक्षा उपायों और मंजूरी संबंधी शर्तों का पालन करना होगा।
इस कदम का उद्देश्य बड़े अखबार प्रिंटिंग केंद्रों को भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों से बाहर स्थानांतरित करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वहां रहने वाले लोगों को, खासकर रात के समय, शोर-शराबे से होने वाली परेशानी कम हो सके।
सरकार ने कहा कि पात्रता की शर्तें धान के खेतों और आर्द्रभूमियों को गलत इस्तेमाल से बचाना जारी रखेंगी।
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