
Manipur मणिपुर: मणिपुर के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक ए.एस. आर्थर का शनिवार सुबह दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 44-उखरुल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके थे और राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और अनुभवी चेहरा माने जाते थे। उनके निधन की खबर से मणिपुर सहित राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैल गई है।
ए.एस. आर्थर ने अपने राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे वर्ष 1994 से 1997 तक मणिपुर सरकार में वन एवं सामान्य प्रशासन मंत्री के रूप में कार्यरत रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया था। उन्हें जनता के बीच एक सक्रिय और समर्पित जनप्रतिनिधि के रूप में जाना जाता था।
वे कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे और उनके पुत्र अल्फ्रेड कांगम आर्थर वर्तमान में बाहरी मणिपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद (MP) हैं। अल्फ्रेड कांगम आर्थर भी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं, जिससे यह परिवार राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
परिवार और समर्थकों के अनुसार, ए.एस. आर्थर लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चल रहा था, जहां शनिवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन के बाद आज शाम 7:00 बजे दिल्ली के सफदरजंग स्थित द्वार सेंटर में शोक सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें उनके परिवार, राजनीतिक सहयोगी और शुभचिंतक शामिल होंगे।
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ए.एस. आर्थर का जीवन मणिपुर की जनता के प्रति समर्पण और राज्य के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत नेता के परिवार, उनके प्रियजनों और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।
ए.एस. आर्थर के निधन को मणिपुर की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके सहयोगियों और समर्थकों ने उन्हें एक ईमानदार, सरल और जनहित के प्रति समर्पित नेता के रूप में याद किया है।





