
Manipur मणिपुर: मणिपुर में बढ़ती हिंसा और अशांति के बीच बैपटिस्ट चर्च नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन (MBC), बैपटिस्ट वर्ल्ड अलायंस (BWA), एशिया पैसिफिक बैपटिस्ट फेडरेशन (APBF) और काउंसिल ऑफ बैपटिस्ट चर्चेस इन नॉर्थ ईस्ट इंडिया (CBCNEI) के प्रतिनिधि शामिल थे।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में शांति, न्याय और सांप्रदायिक सद्भाव बहाल करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में आम नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रतिनिधियों ने एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें हाल ही में हुए घात लगाकर हमलों और तीन चर्च नेताओं की हत्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में मांग की गई कि इन घटनाओं की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी जाए ताकि निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जा सके।
मारे गए चर्च नेताओं में MBC के पूर्व महासचिव रेव. डॉ. वुमथांग सिटलहो, रेव. काइगौलुन ल्हौवुम और पादरी पाओगौलेन सिटलहो शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने इन घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि इससे पूरे समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ है।
बैठक में प्रतिनिधियों ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग रखी, ताकि आगे किसी भी प्रकार की हिंसा को रोका जा सके। साथ ही उन्होंने प्रभावित समुदायों के बीच संवाद, आपसी समझ और सुलह की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए ठोस पहल की आवश्यकता पर जोर दिया।
ज्ञापन में राज्य में जारी अशांति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। इसमें लगातार हो रही हिंसा, आम नागरिकों की मौत, परिवारों के विस्थापन और बिगड़ती मानवीय स्थिति का उल्लेख किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह सभी समुदायों के बीच भरोसा बहाल करने के लिए त्वरित कदम उठाए, जिससे दीर्घकालिक शांति स्थापित की जा सके। फिलहाल सरकार ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया है।





