
Manipur मणिपुर: मणिपुर में सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस ने बैन किए गए संगठनों से जुड़े दो उग्रवादियों और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, इन लोगों पर आरोप है कि वे एक स्क्रैप डीलर को बड़ी मात्रा में डिफ्यूज किए गए हैंड ग्रेनेड बेचने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार महिलाओं की पहचान हजारा बीबी (60 वर्ष), इबेम (38 वर्ष) और इमेम (50 वर्ष) के रूप में हुई है। उन्हें इंफाल वेस्ट जिले के चिंगमाखा फुरामाखोंग से पकड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि ये गिरफ्तारी विशेष इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर हुई, जिसमें पता चला कि डिफ्यूज किए गए विस्फोटक पदार्थों का एक कंसाइनमेंट अवैध तरीके से बेचने के लिए पेश किया जा रहा था।
सिंगजामेई पुलिस स्टेशन की जॉइंट टीम ने फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को हिरासत में लिया। जांच के दौरान लगभग 20 किलोग्राम वजन वाला एक बोरा बरामद किया गया, जिसमें करीब 60 डिफ्यूज किए हुए हैंड ग्रेनेड थे। प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि सभी ग्रेनेड पहले ही निष्क्रिय कर दिए गए थे और उनके डेटोनेटर तथा विस्फोटक पदार्थ हटा दिए गए थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए उग्रवादी और महिलाएं कथित रूप से बैन किए गए संगठनों के संपर्क में थीं और उनका उद्देश्य इन निष्क्रिय ग्रेनेड को स्क्रैप डीलर के माध्यम से अवैध तरीके से बाजार में पहुँचाना था। सुरक्षा बलों के अनुसार, यह गिरफ्तारी राज्य में संभावित आतंक और सुरक्षा खतरे को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
अधिकारियों ने आगे कहा कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के नेटवर्क में और कौन शामिल हो सकते हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर संदेहास्पद गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही हैं।
फोरेंसिक टीम ने बरामद ग्रेनेड और अन्य सामग्री की सुरक्षित जांच की। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, सभी ग्रेनेड निष्क्रिय होने के कारण किसी भी तरह की प्रत्यक्ष खतरा स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। फिर भी, यह गिरफ्तारी राज्य और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक चेतावनी स्वरूप है, जिससे अवैध हथियारों के व्यापार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
मणिपुर पुलिस ने कहा कि सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल और इंटेलिजेंस नेटवर्क की वजह से इस तरह की अवैध गतिविधियों को समय रहते पकड़ा जा सकता है। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य की कानून व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम है। राज्य में उग्रवाद और हथियार तस्करी के मामलों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है, और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।





