
Manipur मणिपुर: मणिपुर के इंफाल ईस्ट जिले में सुरक्षा बलों ने सतर्कता दिखाते हुए एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस के अनुसार, असामाजिक तत्वों द्वारा खून-खराबा करने की योजना को शनिवार को सुरक्षा बलों ने समय रहते विफल कर दिया। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों के बम निरोधक विशेषज्ञों ने मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर इरिलबुंग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत नोंगमाइजिंग चिंगखोंग के पहाड़ी इलाके में एक विस्फोटक उपकरण को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया। इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ी आतंकी घटना को टाल दिया गया।
यह ऑपरेशन एक खुफिया सूचना (टिप-ऑफ) के आधार पर शुरू किया गया था। इसके बाद सिविल पुलिस, असम राइफल्स और CRPF की संयुक्त टीम ने मेटल डिटेक्टर और स्निफर डॉग की मदद से इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को एक झाड़ी के अंदर छिपा हुआ विस्फोटक उपकरण मिला।
स्निफर डॉग की मदद से मिली इस सफलता के बाद जब इलाके की गहन तलाशी ली गई, तो वहां से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए। बरामद सामग्री में 13 किलोग्राम का इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), राइफलें, गोला-बारूद, वॉकी-टॉकी सेट, फ्लेयर राउंड और बुलेटप्रूफ जैकेट तथा हेडगियर जैसे सुरक्षा उपकरण शामिल हैं।
मणिपुर पुलिस के अनुसार, बरामद IED को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया गया। यह पूरा ऑपरेशन लगभग दो घंटे तक चला और इस दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। सुरक्षा बलों ने सभी बरामद सामान को कब्जे में लेकर संबंधित पुलिस स्टेशन में जमा कर दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बरामद हथियारों की सूची में एक INSAS राइफल और उसकी मैगज़ीन, एक .303 राइफल, एक .32 पिस्टल, 11 हैंड ग्रेनेड और 2.1 मोर्टार के 19 राउंड शामिल हैं। यह बरामदगी क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की गंभीरता को दर्शाती है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि समय रहते मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ी हिंसक घटना को टाल दिया गया है। पूरे इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन और निगरानी जारी है ताकि किसी भी अन्य खतरे को रोका जा सके।
फिलहाल मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बल इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस साजिश के पीछे कौन लोग शामिल हैं।





