
Manipur मणिपुर: मणिपुर के टेंग्नौपाल जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs), हथियार और संचार उपकरण बरामद किए हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह बरामदगी संयुक्त सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए एक विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई।
यह ऑपरेशन भारतीय सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर किया। सूचना मिली थी कि मोरेह पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत बॉर्डर पिलर 72 और 73 के पास कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं। इसी इनपुट के आधार पर इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान एक स्निफर डॉग की मदद भी ली गई, जिससे संदिग्ध स्थानों की पहचान में मदद मिली। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने एक SLR राइफल, एक 9 mm पिस्टल मैगज़ीन सहित, चार रेडियो सेट, एक रेडियो सेट चार्जर और चार IEDs बरामद किए।
अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए विस्फोटक उपकरणों को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित करने के बाद ही ऑपरेशन समाप्त किया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले इसी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत बॉर्डर पिलर 77 और 79 के पास तीन संदिग्ध विद्रोहियों को गिरफ्तार किया गया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और बढ़ गई है।
सुरक्षा बलों का कहना है कि भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में असामाजिक और उग्रवादी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इस तरह के ऑपरेशनों का उद्देश्य सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों और हथियारों की तस्करी को रोकना है।
अधिकारियों ने बताया कि बरामद संचार उपकरणों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका उपयोग किन नेटवर्कों से जुड़ने के लिए किया जा रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस क्षेत्र में किसी बड़े संगठन की सक्रिय मौजूदगी है।
सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि सीमा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए निगरानी और सख्ती और बढ़ाई जाएगी। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें।
कुल मिलाकर, टेंग्नौपाल में हुई यह कार्रवाई सीमा सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, जिससे संभावित बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया गया है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।





