
Manipur मणिपुर: कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने रविवार को मणिपुर संघर्ष की तीसरी वर्षगांठ को “सेपरेशन डे” के रूप में मनाया और कुकी-ज़ो समुदाय के लिए एक अलग केंद्र शासित प्रदेश की मांग को एक बार फिर दोहराया। इस मौके पर संगठन ने राज्य में पिछले तीन वर्षों से जारी हिंसा और तनाव को लेकर गंभीर चिंता जताई।
जारी बयान में KIM ने कहा कि 3 मई 2023 को शुरू हुई हिंसा के बाद से समुदाय को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। संगठन ने आरोप लगाया कि इस दौरान राज्य प्रशासन की ओर से भेदभाव, संस्थागत असमानता और कानून के चुनिंदा उपयोग की स्थिति देखने को मिली है।
KIM ने हाल की कुछ घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें सामाजिक नेता ओकथोखांग बाइटे की गिरफ्तारी शामिल है। संगठन के अनुसार, संदिग्ध इनपुट के आधार पर की गई ऐसी कार्रवाई ने समुदाय में अविश्वास को और बढ़ाया है, जबकि गंभीर हिंसा में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बयान में यह भी कहा गया कि इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर मानवीय स्तर पर पड़ा है। हजारों कुकी-ज़ो लोग विस्थापन, मानसिक तनाव और आजीविका के नुकसान से जूझ रहे हैं। संगठन ने कहा कि लंबे समय से चल रही अशांति ने समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
KIM ने मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था को “अस्थिर और अनुपयुक्त” बताते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति समुदाय के लिए सम्मान, न्याय और संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रही है। संगठन ने स्पष्ट किया कि ऐसी परिस्थितियों में समुदाय का जीवन सामान्य रूप से आगे बढ़ना कठिन है।
भारत सरकार से अपील करते हुए KIM ने कहा कि ज़मीनी हकीकत को स्वीकार किया जाना चाहिए और एक न्यायसंगत तथा समान राजनीतिक समाधान के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। संगठन ने एक अलग प्रशासनिक ढांचे की अपनी पुरानी मांग को फिर से दोहराया।
कुल मिलाकर, मणिपुर संघर्ष की तीसरी वर्षगांठ पर KIM का यह बयान राज्य में जारी तनाव और राजनीतिक समाधान को लेकर बढ़ती मांगों को फिर से सामने लाता है।





