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मणिपुर की बेटियों का शानदार स्वागत
इंफाल: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली मणिपुर की स्टार खिलाड़ी पुखरामबम सुशीला चानू और खरीबम बिचू देवी का सोमवार को इंफाल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। दोनों खिलाड़ी जैसे ही इंफाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचीं, परिवार के सदस्यों, खेल प्रेमियों, हॉकी मणिपुर के पदाधिकारियों और शुभचिंतकों ने उनका पारंपरिक तरीके से अभिनंदन किया।
सुशीला और बिचू उस भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा थीं जिसने जापान के आइची-नागोया में खेले गए 20वें एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। भारत ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराया और 44 साल बाद महिला हॉकी में एशियन गेम्स का गोल्ड अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया।
एयरपोर्ट पर दोनों खिलाड़ियों का पारंपरिक लेंग्यान और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। Posterior Hockey Academy Manipur के पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों और स्थानीय क्लबों के सदस्यों ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। माहौल पूरी तरह उत्सवी रहा और समर्थकों ने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि को मणिपुर और देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
सुशीला चानू ने इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय पूरी टीम, परिवार, कोच और समर्थकों को दिया। उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार के बाद मिला यह स्वर्ण पदक सामूहिक मेहनत का नतीजा है। उन्होंने मणिपुर में हॉकी के बेहतर बुनियादी ढांचे की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि अगर राज्य में ज्यादा हॉकी कॉम्प्लेक्स और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हों तो और भी युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे आ सकते हैं।
सुशीला ने युवा खिलाड़ियों को संदेश दिया कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई बार चोट और सर्जरी का सामना किया, लेकिन खेलना जारी रखा। उनका कहना था कि लगातार मेहनत और धैर्य से ही बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
वहीं बिचू देवी ने बताया कि टीम ने इस सफलता के लिए लगभग छह महीने तक कड़ी तैयारी की थी। उन्होंने चीन को हराकर गोल्ड जीतने और ओलंपिक में जगह पक्की करने को अपने करियर के सबसे खास पलों में शामिल बताया। बिचू के परिवार ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई और कहा कि कठिन दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी।
बिचू देवी थौबल जिले के चारंगपत की रहने वाली हैं, जबकि सुशीला चानू इंफाल वेस्ट के हिजाम दीवान लेइकाई से आती हैं। दोनों खिलाड़ियों की सफलता ने एक बार फिर भारतीय हॉकी में मणिपुर के मजबूत योगदान को सामने रखा है। राज्य लंबे समय से देश को कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी देता रहा है।
दोनों खिलाड़ियों के स्वागत के साथ स्थानीय खेल संगठनों ने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि नई पीढ़ी को हॉकी की ओर आकर्षित करेगी। एशियन गेम्स का गोल्ड और 2028 ओलंपिक का टिकट भारतीय महिला हॉकी के लिए बड़ी उपलब्धि है, वहीं मणिपुर के लिए सुशीला और बिचू की वापसी गर्व और जश्न का मौका बन गई।
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