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नागा नागरिकों को दी गई अंतिम विदाई
इंफाल: मणिपुर के कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास पिलोंग गांव में मारे गए चार तांगखुल नागा नागरिकों को शुक्रवार को अंतिम विदाई दी गई। कामजोंग जिला मुख्यालय में सार्वजनिक शोकसभा आयोजित करने के बाद चारों के पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांवों में ले जाए गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मृतकों की पहचान फामी जाजो (43), निंगथेम काशक (35), बेटरसन जाजो (50) और वारेशिम जाजो (67) के रूप में हुई है। वारेशिम और फामी पिता-पुत्र थे। चारों की हत्या गुरुवार को पिलोंग गांव में हुए हथियारबंद हमले में हुई थी। यह गांव कामजोंग जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित है।
कामजोंग में हुई शोकसभा
अंतिम संस्कार से पहले तांगखुल नागा लॉन्ग (TNL) की ओर से कामजोंग जिला मुख्यालय के टाउन हॉल में सार्वजनिक शोकसभा आयोजित की गई। इसमें विभिन्न नागा संगठनों के प्रतिनिधियों, स्थानीय नेताओं और बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इसके बाद पार्थिव शरीर संबंधित पैतृक गांवों के लिए रवाना किए गए।
घटना के बाद क्षेत्र में शोक और तनाव का माहौल है। चार नागरिकों की हत्या के विरोध में TNL ने 25 सितंबर सुबह 7 बजे से 26 सितंबर सुबह 7 बजे तक अपने अधिकार क्षेत्र में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया था। बिजली, चिकित्सा, दमकल और अंतिम संस्कार जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट दी गई।
पिलोंग गांव में हुआ था हमला
पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम संदिग्ध हथियारबंद लोगों ने पिलोंग गांव में ग्रामीणों पर गोलीबारी की थी। घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक व्यक्ति हमले से बच निकलने में सफल रहा और उसने घटना की जानकारी अधिकारियों को दी।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा बल इलाके में पहुंचे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए कामजोंग जिला अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता, UAPA और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
KNA-B पर लगाया गया आरोप
तांगखुल नागा संगठनों और हमले में जीवित बचे व्यक्ति ने म्यांमार स्थित कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि हमलावरों की पहचान को लेकर जांच जारी है और किसी संगठन की जिम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस ने भी शुरुआती जानकारी में संदिग्ध हमलावरों के म्यांमार स्थित विद्रोही समूह से जुड़े होने की आशंका जताई है। सुरक्षा एजेंसियां घटना के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान का पता लगाने में जुटी हैं।
पिलोंग में सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन
अंतिम विदाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। स्थानीय विधायक लेशियो कीशिंग समेत कई संगठनों के प्रतिनिधि अंतिम संस्कार और शोक कार्यक्रम में शामिल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से पिलोंग में इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) की तीन कंपनियां तैनात करने का आश्वासन दिया गया है।
चार नागा नागरिकों की हत्या के बाद स्थानीय संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार से सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा मजबूत करने और घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच फिलहाल जारी है।
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