
Manipur मणिपुर: मणिपुर में फुटहिल्स नागा कोऑर्डिनेशन कमेटी (FNCC) ने एक बार फिर अपने अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा कर दी है। यह बंद 23 अप्रैल की आधी रात से फुटहिल नागा आबादी वाले क्षेत्रों में प्रभावी हो गया है। FNCC ने राज्य सरकार पर पिछले साल साइन किए गए मेमोरेंडम ऑफ़ एग्रीमेंट (MoA) को लागू करने में देरी का आरोप लगाते हुए यह कदम उठाया है।
FNCC के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा 8 अगस्त, 2025 को किए गए समझौते में नागा बहुल क्षेत्रों में सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी थी। हालांकि संगठन का कहना है कि इस समझौते को अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन दोबारा शुरू करना पड़ा।
घोषणा में FNCC ने स्पष्ट किया कि यह बंद अगले आदेश तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रभावित क्षेत्रों में सभी प्रकार की आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों पर रोक रहेगी। संगठन ने सरकार से अपील की है कि वह अपने वादों को जल्द से जल्द पूरा करे, अन्यथा स्थानीय लोगों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
FNCC ने पहले डिप्टी चीफ मिनिस्टर लोसी दिखो के साथ बातचीत के बाद अपना आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया था। उस समय यह सहमति बनी थी कि सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स (SoO) समझौते के तहत कुकी मिलिटेंट समूहों के निर्धारित शिविर नागा आबादी वाले क्षेत्रों में या उनके आसपास स्थापित नहीं किए जाएंगे और न ही उन्हें संचालन की अनुमति दी जाएगी।
हालांकि संगठन का आरोप है कि इन समझौतों के बावजूद जमीन पर स्थिति में कोई ठोस बदलाव नहीं हुआ, जिसके कारण उन्होंने फिर से बंद लागू करने का निर्णय लिया है। FNCC ने इसे सरकार की “लगातार विफलता” करार दिया है।
इस बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में पहले से ही सुरक्षा और जातीय तनाव को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। अलग-अलग समुदायों द्वारा विरोध प्रदर्शन और असंतोष की घटनाओं के चलते प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने थौबल जिले में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि किसी भी ऐसी गतिविधि से बचा जाना चाहिए, जिससे विकास कार्यों में बाधा आए या समुदायों के बीच दूरी बढ़े। मुख्यमंत्री ने सभी से भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया।
FNCC के इस कदम से क्षेत्र में एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है, जबकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।





