मणिपुर

कर्ज में डूबा मणिपुर: ₹8,927 करोड़ अप्रयुक्त कोष पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

Tara Tandi
3 Oct 2026 6:56 PM IST
कर्ज में डूबा मणिपुर: ₹8,927 करोड़ अप्रयुक्त कोष पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
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मणिपुर: मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर चिंता जताई है। उन्होंने 2024-25 के लिए CAG (कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) की राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि बजट आवंटन का सही इस्तेमाल नहीं हुआ, कैपिटल खर्च कम रहा, कर्ज का बोझ बढ़ा और प्रोजेक्ट लागू करने में देरी हुई। कांग्रेस विधायक दल के नेता केइशम मेघचंद्र सिंह ने राज्य सरकार से कहा कि वह कथित वित्तीय गड़बड़ियों के लिए ज़िम्मेदारी तय करे या पद से इस्तीफ़ा दे दे।
कांग्रेस भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि CAG रिपोर्ट 2024-25 के दौरान राज्य के वित्तीय प्रबंधन की गंभीर तस्वीर पेश करती है। यह रिपोर्ट मणिपुर की वित्तीय स्थिति, राजस्व और खर्च के रुझान, कर्ज की स्थिति, उधार लेने के पैटर्न और बजट प्रबंधन की जांच करती है।
कांग्रेस नेता द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में कुल 37,392.66 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के मुकाबले 8,927.55 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए, जो कुल प्रावधान का 23.88 प्रतिशत है। सिंह ने कहा कि ये आंकड़े बजट को लागू करने और उपलब्ध संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर चिंता पैदा करते हैं।
उन्होंने राज्य के कैपिटल खर्च पर भी प्रकाश डाला। उनके बताए आंकड़ों के अनुसार, 8,989.60 करोड़ रुपये के कैपिटल बजट प्रावधान के मुकाबले असल खर्च 2,704.23 करोड़ रुपये रहा। सिंह ने कहा कि कम इस्तेमाल से विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लागू करने पर सवाल उठते हैं।
कांग्रेस नेता ने केंद्र से मिलने वाली ग्रांट-इन-एड (सहायता अनुदान) की बजट में तय राशि और असल में मिली राशि के बीच के अंतर की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि इस मद के तहत 16,015.85 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था, जबकि असल में 5,473.21 करोड़ रुपये मिले। उन्होंने इस अंतर और केंद्रीय सहायता के इस्तेमाल के बारे में स्पष्टीकरण मांगा।
सिंह ने राज्य के उधार और कर्ज की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मणिपुर ने 2024-25 के दौरान कुल 11,599.08 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, जिसमें से 9,420.41 करोड़ रुपये (यानी 81.22%) का इस्तेमाल पुराने मूलधन को चुकाने में किया गया।
सिंह द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य का कुल कर्ज और अन्य देनदारियां 2024-25 के आखिर में बढ़कर 20,846.88 करोड़ रुपये हो गईं, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 18,871.79 करोड़ रुपये था। साल के दौरान ब्याज भुगतान 1,022.23 करोड़ रुपये रहा।
सिंह ने अधूरे प्रोजेक्ट्स की स्थिति पर भी बात की और कहा कि 7,473.53 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद 138 प्रोजेक्ट्स अधूरे रह गए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में देरी से उनसे मिलने वाले फायदों पर असर पड़ सकता है और लागत भी बढ़ सकती है।
कांग्रेस नेता ने 2024-25 के दौरान राहत और आपदा प्रबंधन ग्रांट के तहत 229.94 करोड़ रुपये की बचत का भी ज़िक्र किया और बताया कि पिछले सालों में भी इसी ग्रांट के तहत काफी बचत दर्ज की गई थी।
ऑडिट नतीजों का ज़िक्र करते हुए सिंह ने कहा, "CAG कोई विपक्षी पार्टी नहीं है। यह जनता के पैसे का संवैधानिक ऑडिटर है।" उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में बजट का पूरा इस्तेमाल न होने, कर्ज, कैपिटल खर्च और अधूरे प्रोजेक्ट्स को लेकर चिंता जताई गई है, और यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब मणिपुर बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
सिंह ने राज्य सरकार से कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों के लिए वित्तीय ज़िम्मेदारी तय करने को कहा और कहा कि जो लोग अपनी ज़िम्मेदारियां नहीं निभा पा रहे हैं, उन्हें अपने पदों से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।
मणिपुर के राज्य वित्त पर 2024-25 की CAG रिपोर्ट संविधान के अनुच्छेद 151 के तहत गवर्नर को सौंपने के लिए तैयार की गई थी और यह राज्य की वित्तीय स्थिति और बजट प्रबंधन का स्वतंत्र आकलन पेश करती है।
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