
Manipur मणिपुर: मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार अत्याचारों और हिंसा के मामलों में मूकदर्शक नहीं रहेगी। यह बयान तब आया जब पुलिस ने छह लोगों के शव बरामद किए। माना जा रहा है कि ये शव लापता नागा पुरुषों के हैं, जिन्हें हथियारबंद लोगों ने बंधक बना लिया था।
जानकारी के अनुसार, 13 मई को कांगपोकपी ज़िले के लेइलोन वाइफेई गाँव से नागा समुदाय के छह लोगों का अपहरण कर लिया गया था। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा राहत और खोज अभियान चलाया गया, जिसके तहत गुरुवार को शव बरामद हुए।
मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कहा कि राज्य सरकार इस तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “इन अत्याचारों पर मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।”
पुलिस ने मृतकों की पहचान करने और उनकी हत्या में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य के उच्च स्तरीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। साथ ही, स्थानीय नागरिकों और प्रभावित समुदाय के लोगों के लिए सुरक्षा के उपाय बढ़ा दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपहरण और हत्या की इस घटना को समाज और राज्य के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि सरकार कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। “हम केवल घटनाओं का निरीक्षण नहीं करेंगे, बल्कि दोषियों को उचित न्याय दिलाएंगे। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी नागरिक सुरक्षित रहें,” उन्होंने कहा।
इस घटना ने मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले और आसपास के क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोग और नागा समुदाय के सदस्य सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मृतकों के परिवार और गांव के लोग शोक और आक्रोश में हैं, और उन्होंने राज्य सरकार से जल्दी न्याय दिलाने की अपील की है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि मामले की जांच में तकनीकी सहायता, फोरेंसिक जांच और गहन पूछताछ का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस को यह सुनिश्चित करना है कि अपराधियों को पकड़कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी तरह की हिंसा और अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी और सभी समुदायों के लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यह घटना मणिपुर में जातीय और सामुदायिक तनाव के मुद्दे को फिर से उजागर करती है। राज्य सरकार और पुलिस के समन्वय के साथ जांच आगे बढ़ रही है। मृतकों के परिवार और प्रभावित समुदाय को न्याय दिलाने के लिए कार्रवाई जारी है, और राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया है।





