मणिपुर
NRC लागू होने तक रुकी जनगणना: मणिपुर हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश
Tara Tandi
31 Aug 2026 7:10 PM IST

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Manipur मणिपुर: मणिपुर हाई कोर्ट ने 31 अगस्त को आदेश दिया कि राज्य में जनगणना की प्रक्रिया अगले आदेश तक टाल दी जाए। यह आदेश जनगणना शुरू होने (1 सितंबर) से एक दिन पहले आया।
यह आदेश ऐसे समय में आया है जब सिविल सोसाइटी ग्रुप्स विरोध कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि जनगणना को तब तक टाल दिया जाए जब तक नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स (NRC) को अपडेट न कर दिया जाए और कथित अवैध प्रवासियों की पहचान न हो जाए।
चीफ़ जस्टिस एम. सुंदर और जस्टिस ए. गुनेश्वर शर्मा की एक स्पेशल बेंच ने कांगलेईपाक स्टूडेंट्स एसोसिएशन (KSA) की जनहित याचिका और शांता नाहकपम की एक अलग रिट याचिका पर सुनवाई की।
14 सिविल सोसाइटी संगठनों के ग्रुप के कन्वीनर नाहकपम के अनुसार, याचिकाओं में मांग की गई है कि जनगणना करने से पहले 1951 को आधार वर्ष मानकर NRC को अपडेट किया जाए और कथित अवैध प्रवासन से जुड़ी चिंताओं का समाधान किया जाए।
नाहकपम ने बताया कि सोमवार को हुई स्पेशल सुनवाई के दौरान, केंद्र और मणिपुर सरकार की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट को जानकारी दी कि जनगणना की प्रक्रिया टाल दी जाएगी।
याचिकाओं में पड़ोसी देश म्यांमार से कथित अवैध प्रवासन और राज्य की मूल आबादी पर इसके संभावित असर को लेकर भी चिंता जताई गई है।
नाहकपम ने कहा कि सिविल सोसाइटी ग्रुप्स पिछले चार-पांच महीनों से जनगणना को टालने के लिए अभियान चला रहे थे, ताकि कथित अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसी चिंताओं के समाधान के बिना परिसीमन (डिलिमिटेशन) करने से मणिपुर के मूल समुदायों को न्याय नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ग्रुप्स ने यह तय किया कि सिर्फ़ आंदोलन से यह मुद्दा हल नहीं होगा, इसलिए कानूनी मदद ली जाए।
इस मामले में अगली सुनवाई 12 अक्टूबर, 2026 को तय की गई है।
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