
Manipur मणिपुर: मणिपुर में पिछले महीने अगवा किए गए छह नागा नागरिकों के शव गुरुवार तड़के इम्फाल स्थित जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) के मुर्दाघर में लाए गए। इस बीच, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मामले की जांच तेज कर दी है और घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ने के लिए फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद किए गए शव लगभग रात 2:30 बजे मेडिकल संस्थान पहुंचे। शवों के पहुंचते ही NIA की टीम मौके पर पहुंच गई और फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर जांच प्रक्रिया शुरू की। जांच एजेंसियां मौत के कारणों और घटनाओं के क्रम का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक सबूत इकट्ठा कर रही हैं।
ये छह नागरिक उस समूह का हिस्सा थे जिन्हें कथित तौर पर 13 मई को कांगपोकपी ज़िले के लेइलोन वाइफेई गांव से अगवा किया गया था। अपहरण के बाद से ही उनकी तलाश जारी थी, और अब शव मिलने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
इस बीच, बुधवार रात JNIMS परिसर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब यह खबर फैली कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया जाएगा। अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति बिगड़ने पर भीड़ के कुछ हिस्सों और वहां तैनात सुरक्षा बलों के बीच झड़प की भी खबरें सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए मणिपुर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर किया, ताकि स्थिति और न बिगड़े।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और दोषियों की पहचान के लिए सभी तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। NIA की जांच से आने वाले दिनों में इस अपहरण और हत्या मामले से जुड़े कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।





