
Manipur मणिपुर: अधिकारीमयुम शारदा देवी का मणिपुर की एकमात्र राज्यसभा सीट पर निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की यह नेता चुनाव प्रक्रिया में अकेली उम्मीदवार के रूप में सामने आईं, जिसके बाद उनका चयन लगभग औपचारिकता मात्र रह गया है।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को पूरी की गई, जिसमें रिटर्निंग ऑफिसर और मणिपुर विधानसभा के सचिव रोहित सपाम ने पुष्टि की कि शारदा देवी के सभी दस्तावेज सही और वैध पाए गए हैं। चूंकि इस सीट के लिए कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरा, इसलिए उनका निर्विरोध निर्वाचन सुनिश्चित हो गया।
अधिकारीमयुम शारदा देवी ने राज्यसभा की इस एकमात्र सीट के लिए नामांकन दाखिल किया था। उनके सामने किसी भी विपक्षी दल द्वारा उम्मीदवार नहीं उतारे जाने से राजनीतिक समीकरण पूरी तरह उनके पक्ष में चले गए। कांग्रेस के चुनावी प्रक्रिया से बाहर रहने के फैसले ने भी उनकी स्थिति को और मजबूत कर दिया, जिससे मुकाबला पूरी तरह समाप्त हो गया।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह निर्वाचन मणिपुर की राजनीति में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का संकेत माना जा रहा है। यदि उनका निर्वाचन औपचारिक रूप से घोषित होता है, तो वह किम गंगटे के बाद मणिपुर से राज्यसभा में पहुंचने वाली दूसरी महिला सांसद बनेंगी। यह राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
शारदा देवी इंफाल ईस्ट जिले के ब्रह्मपुर न्यू थुम्बुथोंग क्षेत्र की निवासी हैं। वे अधिकारीमयुम यशोबंता शर्मा की पत्नी हैं और लंबे समय से सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। पार्टी संगठन में उनकी भूमिका और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क को उनकी प्रमुख ताकत माना जाता है।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान किसी अन्य उम्मीदवार के न आने से चुनावी प्रक्रिया सरल हो गई। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, यदि किसी सीट पर केवल एक ही वैध उम्मीदवार बचता है, तो उसे निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाता है। इसी आधार पर शारदा देवी का राज्यसभा पहुंचना अब केवल औपचारिक घोषणा पर निर्भर है।
राज्य की राजनीतिक स्थिति को देखते हुए यह घटनाक्रम भाजपा के लिए एक रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह जीत संगठन की मजबूती और जनता के समर्थन को दर्शाती है। वहीं विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार न उतारने के निर्णय ने इस प्रक्रिया को और आसान बना दिया।
स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को आने वाले समय में मणिपुर की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। राज्यसभा में पहुंचने के बाद शारदा देवी से राज्य के मुद्दों, विकास योजनाओं और सामाजिक विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है।





