मणिपुर

चस्साद गांव पर हमले की निंदा, आदिवासी संगठन ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग

nidhi
18 Oct 2026 2:45 PM IST
चस्साद गांव पर हमले की निंदा, आदिवासी संगठन ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग
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आदिवासी संगठन ने जताया विरोध

इंफाल: 'कमेटी ऑन प्रोटेक्शन ऑफ ट्राइबल एरियाज मणिपुर-कुकी हिल्स' (COPTAM-KH) ने शनिवार को मणिपुर के कामजोंग जिले के चसाद गांव में हुए हमले की निंदा की है। इस हमले में एक नागरिक की मौत हो गई, पांच अन्य लोग घायल हो गए और कई घरों को आग लगा दी गई।

समिति ने मृतक की पहचान सेइखोहाओ हाओकिप के रूप में की है। हमले में गंभीर रूप से घायल पांच लोगों में चसाद के मुखिया थांगजाहो हाओकिप, फुंगथा काचौफुंग कुकी के मुखिया सेइपाओ हाओकिप, और चसाद ग्राम प्राधिकरण के सदस्य खैलुन हाओकिप, थांगगिन तौथांग तथा सेइखोहाओ शामिल हैं।
समिति ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई और हमले से प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की। समिति ने कहा कि इस घटना ने दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
COPTAM-KH ने राज्य सुरक्षा कर्मियों की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। समिति ने पूछा कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद हमलावर इलाके में कैसे घुस आए और घरों में आग कैसे लगा दी? समिति ने कामजोंग जिले में 'इंडियन रिजर्व बटालियन' (IRB) की तैनाती की निष्पक्ष समीक्षा करने और उन कर्मियों को हटाने की मांग की है, जिनकी निष्पक्षता पर संदेह है।
समिति ने कामजोंग के पुलिस अधीक्षक (SP) थोलू रॉकी पर भी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने और कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाया है। साथ ही, यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने संभवतः हमलावरों की मदद की होगी।
समिति का कहना है कि इन आरोपों की पुष्टि के लिए तैनाती लॉग (deployment logs) और संचार रिकॉर्ड (communication records) के जरिए स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
समिति ने मांग की है कि पुलिस प्रमुख का तुरंत तबादला किया जाए, ताकि जांच में कोई हस्तक्षेप न हो सके और जनता का भरोसा बना रहे।
COPTAM-KH ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और मणिपुर सरकार से आठ सूत्रीय मांगों के चार्टर पर कार्रवाई करने की अपील की है।
इन मांगों में शामिल हैं: कुकी गांवों को और अधिक आगजनी और जबरन विस्थापन से बचाने के लिए निष्पक्ष केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती करना; हत्या और आगजनी की घटनाओं की एक निश्चित समय-सीमा के भीतर जांच कराना; घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना; और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देना।
समिति ने कहा कि शांति बहाल करने और जनता का भरोसा जीतने के लिए जवाबदेही तय करना और निष्पक्ष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।
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