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Imphal इंफाल। असम राइफल्स ने गुरुवार को मणिपुर में भारत–म्यांमार सीमा से सटे गांवों में उत्साह और सौहार्द के साथ नववर्ष मनाया। इस अवसर पर विभिन्न जनसंपर्क और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय लोगों के साथ अपने मजबूत संबंधों को और सुदृढ़ किया गया। मणिपुर की म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि नववर्ष 2026 के आगमन पर असम राइफल्स द्वारा मणिपुर के सीमावर्ती चंदेल जिले के सेहलोन, कोवांग और काचिनबुंग गांवों में स्थानीय समुदायों के साथ भव्य आयोजन किया गया।
इस आयोजन का उद्देश्य भारत–म्यांमार सीमा (आईएमबी) के निकट बसे गांवों के निवासियों के साथ आपसी मेल-जोल और साझा उत्सवों के माध्यम से सद्भावना बढ़ाना तथा पुराने भरोसे और संबंधों को और मजबूत करना था। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्थानीय युवाओं और असम राइफल्स की टीम के बीच खेले गए मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल मैच रहे। प्रवक्ता के अनुसार, विभिन्न गांवों में आयोजित इन मुकाबलों में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे खेल भावना और एकता को बढ़ावा मिला।
युवाओं को सकारात्मक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से जोड़ने की इस पहल से आपसी भाईचारा और स्वस्थ संवाद की भावना मजबूत हुई। मैचों के बाद विजेता टीमों को सम्मानित किया गया, ताकि युवाओं को खेल गतिविधियों में निरंतर भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। खेल गतिविधियों के अलावा, छोटे बच्चों के बीच मिठाइयां और उपहार वितरित कर उत्सव की खुशियां साझा की गईं। सभी उपस्थित लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई, जिससे नववर्ष की शुरुआत सौहार्द और अपनत्व के वातावरण में हुई।
लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने बताया कि इस आयोजन में लगभग 250 स्थानीय निवासी और असम राइफल्स के 45 अधिकारी एवं जवान शामिल हुए। कार्यक्रम के समापन पर समुदाय के लोगों ने इस साझा उत्सव के लिए आभार व्यक्त किया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र में भरोसे और सहयोग की भावना और प्रगाढ़ हुई। इस बीच, भारतीय सेना ने भी गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले में नववर्ष के अवसर पर नागरिक–सैन्य संबंधों को मजबूत किया। यह जिला चीन के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा और असम के साथ अंतर-राज्यीय सीमा साझा करता है।
सेना के जवानों ने रस्साकशी, तीरंदाजी और अन्य पारंपरिक खेलों सहित कई खेल एवं सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया, जिसमें बेने गांव के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित सभी आयु वर्ग के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसी तरह के एक अन्य नववर्ष आयोजन में, समाज के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए भारतीय सेना के स्पीयर कॉर्प्स के अंतर्गत रेड शील्ड डिवीजन ने असम के जोरहाट जिले में स्थित निरासोई शिशु भवन अनाथालय के बच्चों के साथ नववर्ष 2026 मनाया।
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